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भगवान हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होंगे

सावन सोमवार पर शिवमय उज्जैन, महाकालेश्वर की तीसरी सवारी

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन। सवान के तीसरे सोमवार को उज्जैन शिवमय है। महाकाल मंदिर में भक्तों की कतारें लगी हुई हैं। शाम को राजाधिराज महाकाल प्रजा का हाल जानने निकलेंगे। सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, तो हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होंगे। महाकाल की भस्म आरती के लिए रविवार-सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खोले गए। भस्म आरती के दौरान भांग, चंदन, सूखे मेवों और आभूषणों से बाबा महाकाल का श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के 15 हजार से अधिक श्रद्धालु ने दर्शन किए।

 

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त व वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा सहित तीन मंत्री आज भगवान महाकाल की श्रावण सवारी में शामिल होंगे। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंदसिंह राजपूत, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल सारंगपुर से शहर आएंगे।

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पालकी में चंद्रमौलेश्वर, रथ पर शिव तांडव

भगवान महाकाल की सवारी में श्रावण मास के तृतीय सोमवार को भगवान महाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर श्री शिव-तांडव रूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक मृणाल मीना ने बताया कि महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले मंदिर के सभामंडप में भगवान चन्द्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा भगवान को सलामी दी जावेगी। रामघाट पर शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन करने के बाद सवारी विभिन्न मार्गो से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी का सजीव प्रसारण मंदिर प्रबंध समिति के फेसबुक पर व सवारी के अंत मे चलित रथ में एलईडी के माध्यम से भी होगें।

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काठी नृत्य दल शामिल होगा

जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से भगवान श्री महाकालेश्वर जी की सवारी में जनजातीय कलाकारों का दल भी सहभागिता करेगा। 5 अगस्त को मध्यप्रदेश के निमाड अंचल के पारंपरिक लोकनृत्य काठी नृत्य दल महाकालेश्वर भगवान की तीसरी सवारी में पालकी के आगे भजन मंडलियों के साथ अपनी प्रस्तुति देते हुए चलेगा।

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