उप स्टेशन प्रबंधक और ड्रायवर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विक्रम नगर रेलवे स्टेशन के उप स्टेशन प्रबंधक और वृंदावनपुरा में रहने वाले ड्रायवर ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों मामलों में परिजन आत्महत्या के कारणों से अनजान हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
देवेन्द्र प्रधान पिता ओमप्रकाश प्रधान 51 वर्ष निवासी केशव नगर थाना नीलगंगा विक्रम नगर रेलवे स्टेशन पर उप स्टेशन प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। उन्होंने अज्ञात कारणों के चलते घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देवेन्द्र के भाई गोविंद प्रधान ने बताया कि भाभी शीला प्रधान बोलाई स्थित मंदिर में दर्शनों के लिये सुबह गई थीं। देवेन्द्र प्रधान नाईट ड्यूटी कर घर लौटे और अपने बेटे आदित्य के साथ घर में ही सो रहे थे।
शाम को भाभी ट्रेन से वापस लौट रही थीं उन्हें लेने आदित्य घर से गया। उसी दौरान देवेन्द्र ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी व बेटा घर लौटे तो देवेन्द्र को फंदे पर लटका देखा। गोविंद ने बताया कि मैं रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म 1 पर होटल संचालित करता हूं मुझे भाई व भतीजे ने घटना की सूचना दी।
देवेन्द्र प्रधान ने किन कारणों के चलते आत्महत्या की इसकी जानकारी नहीं है। इधर सुनील कंडारिया पिता लीलाधर 45 वर्ष निवासी वृंदावनपुरा थाना जीवाजीगंज ने अज्ञात कारणों के चलते घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके बेटे अंकित ने बताया कि पिता वकील के यहां ड्रायवर का काम करते थे और शराब पीने के आदी थे। रात 10 बजे उन्हें भाई उपेन्द्र ने फांसी के फंदे पर लटके देखा। अंकित ने बताया कि रात में मां घर के सामने किराये के मकान में बहन के पास गई थीं। उसी दौरान सुनील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।









