अक्षरविश्व एक्सक्लूसिव : ये है हमारा निगम… पेट्रोल पंप से 24 लाख की आय, 5 करोड़ की आस

स्वच्छता पर 24 करोड़ रुपए का खर्चा, फिर भी इंदौर से पीछे

सुधीर नागर उज्जैन। हमारा नगर निगम भी अजब गजब है। नए वित्तीय वर्ष के बजट में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप से एक साल में करीब 24 लाख रुपए की आय हुई और अब 5 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान लगा लिया। सभी को हैरानी हो रही है कि एक साल में अचानक इतनी आय कैसे बढ़ सकती है।
नगर निगम ने इस साल (2025-26) का बजट तैयार कर महापौर परिषद को भेज दिया है। अभी इस पर मंथन का दौर चल रहा है। बजट के अध्ययन में यह बात सामने आई है कि नगर निगम द्वारा मुख्यालय के पास संचालित पेट्रोल पंप से पिछले वित्तीय वर्ष में 24 लाख रुपए की आय हुई। हैरानी उस आंकड़े को देखकर हुई जब इससे 5 करोड़ रुपए की आय का अनुमान सामने आया। निगम के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एक साल में आय ज्यादा से ज्यादा दोगुनी हो सकती है लेकिन 24 लाख रुपए से बढक़र आय 5 करोड़ रुपए कैसे हो सकती है।
अगर ऐसा है तो क्यों न शहर में दस पंप खोल दिए जाएं ताकि निगम के वारे न्यारे हो जाएं। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि निगम के पढ़े लिखे अधिकारी आंख मींचकर बजट तो नहीं बना रहे। यह मामला आने वाले समय में तूल पकड़ सकता है। सोमवार को होने वाली एमआईसी की बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा संभावित है।
संपत्तिकर से 40 करोड़ आय, स्वच्छता पर खर्च 24 करोड़
शहर के लोगों को यह जानकार भी हैरानी हो सकती है कि संपत्तिकर से निगम को करीब 40 करोड़ रुपए की सालाना आय हो रही और इसमें से सबसे ज्यादा पैसा स्वच्छता के लिए ग्लोबल कंपनी को 24 करोड़ रुपए दिए जा रहे। इसके बाद भी शहर में साफ सफाई पूरी तरह से नहीं हो पा रही। इस मुद्दे पर भी मंथन किया जाना चाहिए।









