जमीन के अंदर बिछाए जा रहे पाइप

रफ्तार से चल रहा कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का काम

वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य…
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शिप्रा को शुद्ध बनाने के लिए कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके तहत जमीन के अंदर आरसीसी से बने बड़े-बड़े पाइप बिछाए जा रहे हैं जिनकी मदद से कान्ह का दूषित पानी का डायवर्शन कर गंभीर डेम की डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाएगा ताकि शिप्रा का पानी हमेशा साफ और स्वच्छ रहे। इस परियोजना को सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
दरअसल, कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना के अंतर्गत ग्राम जमालपुरा में कान्ह नदी पर बैरोज बनाया जाएगा। इससे नदी के गंदे पानी को क्लोज डक्ट के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। निर्माण एजेंसी रिवर वोल्ट हाइड्रो प्रालि द्वारा इसका काम तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लंबाई ३०.१५० किलोमीटर है। इसमें १८.१५० किमी लंबाई में कट एंड कवर द्वारा क्लोज डक्ट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा १२ किमी लंबी टनल का काम भी चल रहा है। इस परियोजना को अगले २५ सालों तक की जनसंख्या बढ़ोत्तरी को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। वर्ष २०२८ में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व से पहले सितंबर २०२७ तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
शिप्रा को सबसे ज्यादा प्रदूषित करती है कान्ह
इंदौर से आने वाली कान्ह नदी के गंदे पानी से ही शिप्रा नदी के पानी में सबसे ज्यादा गंदगी फैलती है। इसके चलते पर्व और त्यौहारों के मौके पर नर्मदा का जल शिप्रा में छोड़ा जाता है ताकि श्रद्धालु साफ पानी में स्नान कर सकें। हालांकि, कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना के पूरा होने के बाद कान्ह के गंदे पानी को शिप्रा में मिलने से पहले ही रोक दिया जाएगा जिससे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए हमेशा साफ पानी मिलेगा।









