महाकाल नगरी में अब बनेंगे दो एलिवेटेड कॉरिडोर

सिंहस्थ 2028 की तैयारी के लिए नया कदम, मध्यप्रदेश सरकार का पत्र उज्जैन पहुंचा

पीडब्ल्यूडी परीक्षण में जुटा, सर्वे के बाद तैयार होगी रिपोर्ट
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अगर सब कुछ ठीक रहा तो सिंहस्थ या उसके बाद महाकाल नगरी उज्जैन में दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक सुगम हो सकेगा और शहर से गाडिय़ां सरपट दौड़ते हुए निकल सकेंगी। एक कॉरिडोर मकोडिया आम से देवासगेट स्टेशन होते हरिफाटक ओवरब्रिज से जुड़ेगा और दूसरा देवासगेट से निकास चौराहा की ओर अंकपात क्षेत्र को जोड़ेगा।
दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए सरकार का पत्र प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के पास पहुंच गया है। पीडब्ल्यूडी इसे बनाने की अभी संभावनाएं टटोलेगा। इसके लिए सर्वे कर परीक्षण किया जाएगा और एक रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। इसे बनाने में आने वाले खर्च सहित जमीनी अड़चनों को भी साफ किया जाएगा।
उज्जैन में बढ़ते ट्रैफिक को देखते सरकार ने यह कदम आगे बढ़ाया है ताकि शहर में ट्रैफिक की बढ़ती समस्या को हल किया जा सके। इससे बड़े वाहन तेजी से शहर से बाहर निकल सकेंगे और स्थानीय लोग लंबे जाम में नहीं फंसेंगे। जानकारों का कहना है कि ये दोनों प्रोजेक्ट लंबी अवधि के हैं। अगर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पूरी ताकत से इस पर काम करें तभी सिंहस्थ से पहले ये आकार ले सकते हैं। अभी इनकी योजना बनाने और सरकार से औपचारिक स्वीकृति मिलने में समय लग सकता है।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने पर यातायात की समस्या में कमी आएगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम से छुटकारा मिलेगा। इस कारण सिंहस्थ बाद भी ये उपयोगी साबित हो सकते हैं। जो वाहन शहर में रुके बिना सीधे इंदौर रोड जाना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधाजनक होगा। सिंहस्थ से पहले एक कॉरिडोर भी बना दिया जाए तो भीड़ प्रबंधन में आसानी हो सकती है। फिलहाल, सरकार का पत्र मुख्य अभियंता (सीई) लोक निर्माण विभाग के पास पहुंचा है। इस कारण दोनों कॉरिडोर बनने की उम्मीद बंधी है।
कॉरिडोर बनाने के ये पांच प्रमुख कारण…
1. मकोडिया आम से देवासगेट स्थित बस स्टेशन और हरि फाटक ब्रिज तक बड़े वाहनों का आवागमन मुश्किल। दिन में ट्रकों पर प्रतिबंध।
2. पांच जगह चौराहों पर सिग्नल पर रुकना पड़ता है।
3. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के सामने ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं।
4. गदापुलिया के सामने लंबे जाम लगते हैं। महाकाल मंदिर जाने और आने वाले वाहनों का दबाव ज्यादा।
5. इंदौर गेट से कंठाल चौराहे तक आए दिन ट्रैफिक जाम। दौलतगंज होलसेल मार्केट के कारण लंबे जाम लगते हैं।
दो कॉरिडोर कहां से कहां तक
1. आगर रोड पर मकोडिया आम चौराहा से देवासगेट बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के सामने से हरिफाटक ओवरब्रिज तक।
2. इंदौर गेट से नईसडक़ और कंठाल चौराहा होते हुए निकास चौराहा या उससे आगे तक।
पत्र मिला है: उज्जैन शहर में दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए सरकार की ओर से पत्र मिला है। इनका परीक्षण कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। सरकार के निर्देश पर आगे की योजना बनेगी।
योगेंद्र बगोले, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग









