मीटिंग लेने से पहले डीजीपी मकवाना ने लिया महाकाल का आशीर्वाद

पुलिस अधिकारियों की कंट्रोल रूम में मीटिंग

शहर में लगने वाले जाम पर चर्चा संभव
उज्जैन। प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने आज संभाग स्तर के पुििलस अधिकारियों की मीटिंग लेने से पहले बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर की व्यवस्था का पूरा ख्याल रखा और सपत्निक नंदी हाल में बैठ कर ही ध्यान लगाया। महाकाल मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया। चंूकि डीजीपी उज्जैन के राजस्व कॉलोनी निवासी हैं लिहाजा उनसे मिलने कई लोग महाकाल मंदिर पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के कारण वे उनसे मिल नहीं सके।
डीजीपी बनने के बाद से वे पुलिस की छवि सुधारने में लगे हुए हैं। बेहतर पुलिसिंग कैसे हो। आम लोगों को पुलिस व्यवस्था का किस तरह फायदा मिले इसके लिए वे निरंतर प्रसासरत हैं। पिछले दिनों उन्होंने भोपाल संभाग के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग लेकर कई ऐसे निर्देश दिए जो प्रदेश में चर्चित रहे। उन्होंने कहा कि था थाना प्रभारियों को शहर में निकल कर देखना चाहिए कि उनके इलाके में क्या चल रहा है। कानून-व्यवस्था बनाने में आम लोगों की किस तरह मदद ली जाए। आज वे कंट्रोल रूम में संभाग स्तर के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग ले रहे हैं।
कानून व्यवस्था के अलावा संभवत: वे आगामी सिंहस्थ को लेकर भी पुलिस अधिकारियों से चर्चा करेंगे। सिंहस्थ के दौरान पुलिस व्यवस्था कैसी हो। गौरतलब है कि उज्जैन इन दिनों यातायात की समस्या से जूझ रहा है। आबादी बढ़ गई है, वाहनों की संख्या में इजाफा हो गया है लेकिन यातायात विभाग में पुलिस कर्मचारियों की संख्या बढऩे के बजाए कम हो गई। शहर के भीतरी इलाकों में पुलिस के जवान नजर नहीं आते हैं। एडीजी उमेश जोगा यातायात सुधारने के विशेषझ माने जाते हैं। जबलपुर पोस्टिंग के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में कई अच्छे निर्णय लिए थे। अब आज की मीटिंग में देखना है कि यातायात को लेकर क्या निर्देश मिलते हैं। जिला पुलिस की कानून-व्यवस्था और अन्य मामलों में अच्छी रैंकिंग है।








