हरदा में शेरपुर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में करणी सेना का जंगी प्रदर्शन, ज्ञापन दिया

दोषी पुलिस कर्मियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया जाए

राजपूतों ने दिया एकजुटता का परिचय
राजनीति से हटकर शामिल हुए नेता
कलेक्टर, एसपी को हटाने की मांग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हरदा में राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन दिया। उनका कहना था कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर की गई लाठीचार्ज से पूरे देश की करणी सेना में आक्रोश व्याप्त है। हरदा के एसपी और कलेक्टर को नहीं हटाया गया तो यह आंदोलन प्रदेश व्यापी से होकर देशव्यापी होगा। प्रदर्शन को देखते हुए कोठी रोड स्थित कलेक्टर कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। करणी सेना के नेतृत्व में राजपूत समाज और सर्व समाज के लोग दशहरा मैदान से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं। हरदा कलेक्टर और एसपी को तत्काल हटाया जाए, लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हो, और राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवनसिंह शेरपुर को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए। करणी सेना के प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि हरदा में प्रशासन द्वारा की गई पुलिस कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने हमारी मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मोहन सिंह ने बताया यह हरदयाल सिंह ठाकुर, अजीत सिंह, किशोर सिंह भदौरिया, नरेश सिंह भदौरिया, चंद्र विजय सिंह छोटूबना, शिव सिंह परिहार, पंकज प्रताप सिंह, कप्तान सिंह, राणा प्रताप सिंह, पार्षद विजय कुशवाह, वीनू कुशवाह, नरेंद्र सिंह जलवा, सुंदर सिंह भदौरिया, बलवीर सिंह पंवार, मनोज ठाकुर, डॉ. रामअवतार सिंह कुशवाह, मुनेंद्र सिंह कुशवाह, विजय सिंह भदौरिया, रामकिशन सिंह भदौरिया, स्वाति सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
राजनीति से परे रहकर किया प्रदर्शन
करणी सेना के बैनर तले हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी और पार्षद शामिल थे। क्षत्रिय महासभा की तीन इकाइयां शहर में सक्रिय हैं, लेकिन शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में सिर्फ एक ही नाम था, करणी सेना। विभिन्न इकाइयों से जुड़ी महिलाओं ने भी अपनी एकता का प्रदर्शन किया।









