अद्र्धनारीश्वर रूप से सजे महाकाल

उज्जैन। मंगलवार को पवित्रा एकादशी और मंगला गौरी व्रत के मौके पर संध्या आरती में भगवान महाकाल का अद्र्धनारीश्वर स्वरूप में भाग और सूखे मेवों से शृंगार किया गया। भगवान को चांदी का मुकुट, कुंडल सहित अन्य आभूषण्या धारण करवाए गए और मखाने की माला पहना गई। इस दौरान भगवान के दर्शन कर भक्त भी धन्य हो गए।

मुंबई के श्रद्धालुओं ने भेंट किए चांदी के मुकुट और नाग कुंडल
उज्जैन। भगवान महाकाल के दरबार में देशभर से भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार को मुंबई से आए श्रद्धालु संजय ने भगवान महाकाल को चांदी का मुकुट और दो नग नाग कुंडल अर्पित किए। इसका वजन 2341.800 ग्राम है। कोठार प्रभारी मनीष पांचाल ने बताया इसी प्रकार मुंबई के ही एक अन्य श्रद्धालु राजेंद्र मथुरा सिंह ने 1970.200 ग्राम वजनी चांदी का मुकुट और दो कुंडल भेंट किए। इस दौरान दोनों दानदाताओं का श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने सम्मान कर रसीद दी।
50 हजार का चेक सौंपा
इधर, मुंबई के रहने वाले 90 वर्षीय कानूभाई पुरुषोत्तम मर्चेंट ने 50 हजार रुपए की राशि का चेक मंदिर समिति को सौंपा। कानूभाई ने कहा कि वह पहले उज्जैन में रहे हैं। हर साल वह अपनी पेंशन की राशि भगवान महाकाल को अर्पित करते हैं। इस दौरान सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल उनके सम्मान कर रसीद प्रदान की।








