भारी बारिश से स्कूल में फंसे 6 शिक्षकों का रेस्क्यू

रणजीत हनुमान क्षेत्र से 14लोगों को बाहर निकाला, महाकाल पुलिस एसडीईआरएफ और होमगार्ड ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
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उज्जैन। बुधवार-गुुरुवार की दरमियानी रात से लगातार हो रही धुआंधार बारिश के चलते एक ओर जहां शिप्रा उफान पर है, वहीं जिलेभर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
जिले में गुरुवार को २४ घंटे में 147 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जो इस सीजन की एक दिन में होने वाली सबसे ज्यादा बारिश है। इसी के चलते चिंतामण क्षेत्र स्थित ग्राम दाऊदखेड़ी में शासकीय स्कूल और वहां खड़ी स्कूल बस के चारों ओर पानी भर गया। ऐसे में ग्रामीणों ने अधिकाश विद्यार्थियों को सुरक्षित निकाला लिया लेकिन 6 शिक्षक स्कूल में फंस गए।
इसकी सूचना मिलते ही महाकाल टीआई गगन बादल एवं उनकी टीम एसआई पुरुषोत्तम गौतम, हेड कांस्टेबल मनीष यादव, सुनील पाटीदार, कांस्टेबल लाडसिंह, प्रहलाद बामनिया, पवन, विशाल यादव मौके पर पहुंचे और एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड दल के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी का तेज प्रवाह और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बोट के माध्यम से सभी 6 शिक्षकों को मशक्कत के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया। इस साहसिक कार्य के लिए एसडीईआरएफ टीम को सम्मानित भी किया गया।
उज्जैन तहसील में बादलों की गश्त, एक ही रात में बरसा ६ इंच पानी: उज्जैन तहसील में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बादलों ने गश्त की। उनकी गश्त इतनी जोरदार रही कि एक ही रात में करीब ६ इंच पानी गिर गया। तेज बारिश की वजह से निचली बस्तियों में पानी भरा गया और शिप्रा पूरे वेग से बह निकली। उज्जैन तहसील में अब तक 701 मिमी यानी करीब 28 इंच बारिश हो चुकी है। पिछले साल इस अवधि में 656 यानी करीब 26 इंच पानी ही गिरा था।
रणजीत हनुमान क्षेत्र से 14 लोगों को निकाला
इधर, रणजीत हनुमान क्षेत्र से स्वामी महावीर नाथ ने महाकाल पुलिस को 12 लोगों के फंसे होने की जानकारी दी जिसके बाद महाकाल पुलिस ने होमगार्ड और एसडीईआरएफ के साथ बोट की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। समीप ही बने आश्रम से दो और लोगों का रेस्क्यू किया गया। तीन महिलाओं सहित कुल 14 लोगों को बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू किए बाबूलाल पिता लक्ष्मीचंद निवासी ग्राम राजगढ़, विशाल पिता राजेश मालवीय निवासी तिलकेश्वर कॉलोनी, राहुल पिता सुरेश निवासी भेरूनाला, शुभम पिता महेश कलसिया निवासी भेरूनाला, मनु पिता शंकरलाल, सुशीला बाई पति नानूरामजी, रंजन पति प्रेमचंद कुमार, बापूलाल पिता भंवरलाल, अर्जुन पिता गंगाराम, फारुक पिता अब्दुल सभी निवासी उज्जैन और चार अन्य लोगों के रुकने एवं खाने की व्यवस्था भी की गई।










