सिंहस्थ मास्टरप्लान : अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं

नगर निगम के सिंहस्थ कार्यों की डेडलाइन तय, संभागायुक्त ने खींची निर्माण की लक्ष्मण रेखा
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उज्जैन। सिंहस्थ के लिए नगर निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की डेडलाइन तय कर दी गई है। संभागायुक्त मेला अधिकारी आशीष सिंह ने नगर निगम ने सभी निर्माणाधीन सड़कों और चौड़ीकरण कार्यों के लिए टाइमलाइन तय कर दी है। प्रशासन ने शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए जीवन खेड़ी-सिकंदरी मार्ग (एमआर-21) के निर्माण को तीन चरणों में बांटा है, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार, नक्षत्र होटल से पंचमुखी हनुमान मंदिर तक की सीसी रोड और गऊघाट ज्ञान सागर से कर्कराज टी तक की सड़क का निर्माण जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जंतर-मंतर सॉलिटेयर होटल से वाकणकर ब्रिज होते हुए रिंग रोड तक के महत्वपूर्ण मार्ग का कार्य सितंबर 2026 तक पूर्ण होगा, जिसमें नई बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण भी शामिल है।
शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में चौड़ीकरण की चुनौती: शहर के अंदरूनी हिस्सों में सांदीपनि चौराहा से उदयन मार्ग तक का चौड़ीकरण दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। गाड़ी अड्डा से खजूर वाली मस्जिद और वीडी क्लॉथ मार्केट होते हुए बड़ी पुलिया तक का बड़ा प्रोजेक्ट चार चरणों में चलेगा, जिसे मार्च 2027 तक पूर्ण किया जाना है। तेलीवाड़ा से छोटी पुलिया तक के चौड़ीकरण का कार्य दिसंबर 2026 के अंत तक समाप्त होगा। हनुमान नाका से हरिफाटक (डॉ. चौबे मार्ग) तक के मार्ग में रेलवे संबंधी कार्यों को अप्रैल 2026 तक और सड़क निर्माण को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने की योजना है। इसके अतिरिक्त राजस्व कॉलोनी और ढांचा भवन से एमआर-5 तक के कार्यों को भी 2026 के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
महाकाल लोक और धार्मिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी
श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए गदा पुलिया से नरसिंह घाट और आरएनटी मार्ग (खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक) तक के कार्यों को जनवरी 2027 तक पूर्ण किया जाएगा। नीलगंगा से हरिफाटक तक का मार्ग जून 2026 तक तैयार हो जाएगा। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए यह कैलेंडर जारी किया गया है ताकि निर्धारित समय में उच्च गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित हो सकें।
विस्थापितों के लिए प्लानिंग
पंवासा में विस्थापितों को आवंटित भूखंडों पर नागरिक सुविधाएं विकसित करने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसका पहला चरण 18 मई 2026 और दूसरा चरण 30 जून 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ मेला क्षेत्र और शहर के संपर्क मार्गों को इतना सुगम बनाना है कि लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो। सभी संबंधित इंजीनियरों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।









