पीथमपुर-इंदौर-उज्जैन के 100 किमी में मेट्रो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 6 लाख रोजगार मिलेंगे

देश के पहले लैंड पूलिंग मॉडल की सीएम डॉ. यादव ने रखी नींव

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। इंदौर को देश के औद्योगिक और आर्थिक नक्शे पर नई ऊंचाई देने वाले 2360 करोड़ रुपए के महत्वाकांक्षी इंदौर-राऊ-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर की नैनोद (सुपर कॉरिडोर जंक्शन) में नींव रखी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन करते हुए ऐलान किया कि यह कॉरिडोर 20 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे 100 किमी लंबा मेट्रो इंडस्ट्रियल इकोनॉमिक जोन बनाया जाएगा, जिसमें 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश आएगा और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 6 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।
प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने विकास योजना बताते हुए कहा कि पहले चरण में 2365 करोड़ रुपए की लागत से 20 किमी लंबी और 75 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी। कुल 675 मीटर चौड़ाई वाले इस कॉरिडोर में दोनों ओर 300-300 मीटर का विकास क्षेत्र रहेगा। यह देश का पहला ऐसा मॉडल है जहां किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें 60 प्रतिशत विकसित जमीन वापस दी जा रही है।
मालवा सिर्फ माल का नहीं, कमाल का है…
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, मालवा केवल माल का नहीं, सच में यह कमाल का भी है। यह किसानों को पार्टनर बनाकर माल वाला बनाने वाला क्षेत्र है। 6 एक्सप्रेस-वे आकार ले रहे हैं और किसानों को चार गुना मुआवजा देने का फैसला लिया गया है।
ग्रोथ इंजन साबित होगी प्रदेश के लिए यह योजना
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, यह योजना प्रदेश का ग्रोथ इंजन साबित होगी। 2003 से इसके प्रयास चल रहे थे। मंत्री तुलसी सिलावट ने इसे प्रगति का संकल्प बताया। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि इससे इंदौर की जीडीपी दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
ग्वालियर पहुंचे सीएम, कई कार्यक्रमों में शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर पहुंच गए। उन्होंने शिवपुरी लिंक रोड से शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में आवासीय ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया। उनके साथ प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, जयभान सिंह पवैया, संत कृपाल सिंह आदि मौजूद हैं। पीथमपुर-इंदौर-उज्जैन के 100 किमी में मेट्रो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 6 लाख रोजगार मिलेंगे









