पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 10-15 प्रतिशत बढ़े

बच्चे और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

उज्जैन। गर्मी अपने शबाब पर है। तापमान लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस बढ़ गए हैं। चरक अस्पताल की ओपीडी में 10 से 15 फीसदी ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले चार दिनों में 2090 मरीज पहुंचे। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इस बार गर्मी अचानक बढ़ गई जिससे शरीर को अनुकूल होने का समय नहीं मिला। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक गर्मी का असर सबसे ज्यादा है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है जिससे उल्टी, चक्कर, बुखार की समस्या लेकर मरीज पहुंच हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। कई मामलों में ड्रिप सपोर्ट देना पड़ रहा है। लगातार पसीना निकलने के बावजूद पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट नहीं लेने से शरीर का बैलेंस बिगड़ रहा है। यही कारण है सामान्य कमजोरी से सीधे हीट स्ट्रोक तक के केस सामने आ रहे हैं।
छोटी सावधानी से बड़ा बचाव
चरक अस्पताल के डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया हीट स्ट्रोक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके चलते 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पानी की कमी जल्दी हो रही है, वहीं 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में हीट सहन करने की क्षमता कम होने से हालत तेजी से बिगड़ती है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील हैं। इससे बचने के लिए दिन में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं, खाली पेट धूप में न निकलें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर और शरीर को ढंककर ही बाहर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर में बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलने दें।
इन बातों का रखें ध्यान
रोज हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के केस धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। लोग शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज करते हैं जिससे स्थिति गंभीर होती है।
सुबह 11 बजे से 4 बजे तक बच्चों को बाहर न ले जाएं। जरूरत हो तो कैप, हल्के कपड़े और छांव में रहें, सीधे धूप से बचाएं।
तरबूज, खरबूजा, संतरा, दही-छाछ, नारियल पानी, हल्का खाना खाएं। तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड से बचें। ज्यादा ठंडी चीजें ना खाएं।
रोज नहाए, त्वचा सूखी रखें। मुंह सूखना, यूरिन कम होना या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।









