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अजीब ठगी : गोल्ड क्वॉइन खरीद कर शोरूम में करते थे धोखाधड़ी की राशि से भुगतान

सोने के सिक्के बेचकर नकदी कर लेते थे हासिल, एमबीए पास 3 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एमबीए पास नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के तीन युवकों ने ठगी का नया तरीका ईजाद किया। वह ज्वेलरी शोरूम से गोल्ड क्वाइन खरीदते। क्यूआर कोड से शोरूम खाते में सायबर फ्रॉड की राशि ट्रांसफर कर देते। सायबर ठगी के कारण शोरूम का खाता होल्ड हो जाता और यह गोल्ड क्वाइन लेकर फरार हो जाते थे। गोल्ड क्वाइन बेचकर यह बिटकॉइन और डॉलर में निवेश करते थे। तीनों आरोपी प्रतिष्ठित परिवारों से हैं। इन्होंने जल्दी रईस बनने के लिए ठगी का रास्ता चुना। उज्जैन के चार शोरूम को इन्होंने निशाना बनाया। पर इनकी चालाकी माधवनगर पुलिस ने पकड़ ली और तीनों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली में रहने वाले इनके चौथे साथी की तलाश जारी है।

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि नर्मदापुरम के रहने वाले कशिश पिता सुनील बढ़ानी (29), राहुल पिता अरुण गुप्ता (26) और अनिमेष पिता अभय वर्मा (21) 6 जून को घासमंडी स्थित डीपीके ज्वेलर्स पर गए थे। इन्होंने यहां से 6 ग्राम का गोल्ड क्वाइन लिया। इसकी कीमत 95 हजार रुपए थी। इन्होंने क्यूआर कोड से 95 हजार रुपए का भुगतान किया।

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इस बीच दिल्ली में बैठे इनके साथी ने तकनीकी मदद से शोरूम के खाते में सायबर ठगी की राशि ट्रांसफर कर दी। ऐसे में बैंक ने शोरूम का खाता होल्ड पर डाल दिया। खाता होल्ड पर होने की शिकायत शोरूम मैनेजर ने माधवनगर थाने में की तो पुलिस ने तफ्तीश शुरू की।सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों के सखीपुरा के होटल हीरा पैलेस में होने की जानकारी मिली। ऐसे में यहां से इनको दबोचा गया। पूछताछ करने पर तीनों ने अपराध करना कबूल कर लिया।

आरोपियों में एक भाजपा नेता का पुत्र

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अनिमेष वर्मा नर्मदापुरम के भाजपा नेता अभय वर्मा का पुत्र है। वर्मा नर्मदापुरम नगरपालिका में उपाध्यक्ष हैं। कशिश बड़ानी के पिता ड्रायफ्रूटस के थोक व्यापारी हैं। राहुल गुप्ता के पिता अरुण गुप्ता स्टेशनरी के थोक व्यापारी हैं। तीनों आरोपी नर्मदापुरम के सदरबाजार क्षेत्र के रहने वाले हैं। चौथा आरोपी दिल्ली का है, जिसकी तलाश में टीम भेजी गई है।

चार शोरूम को बनाया निशाना

एसपी ने बताया कि आरोपियों ने उज्जैन के चार शोरूम को निशाना बनाया।

5 जून को इन्होंने फ्रीगंज के महावीर ज्वेलर्स से 91100 रुपए का गोल्ड क्वाइन खरीदा। इसका भुगतान नागौर के मो नासिर से सायबर ठगी के जरिये हासिल 2.88 लाख की रकम से कियाा।

 6 जून को डीपीके ज्वेलर्स से 95 हजार का गोल्ड क्वाइन खरीदा। इसका भुगतान पंजाब के सासनगर के सुरिंदरसिंह से ठगे गए रुपयों से किया ।

9 जून को गोपाल मंदिर के महावीर ज्वेलर्स से 92 हजार रुपए का गोल्ड क्वाइन खरीदा। इसका भुगतान गाजियाबाद के मनोजकुमार से ठगे गए 99 हजार रुपए से किया गया।

11 जून को डीपी ज्वेलर्स से 1,53,659 रुपए का गोल्ड क्वाइन खरीदा।

यूं करते थे ठगी

आरोपी मोबाइल फोन अपडेट करने के लिए लिंक भेजते थे। जैसे ही मोबाइल धारक लिंक पर क्लिक करता मोबाइल अपडेट होने के लिए री-स्टार्ट होता। इसी दौरान आरोपी मोबाइल धारक के खाते से राशि ट्रांसफर कर लेते। एसपी ने बताया कि आरोपी एमबीए पासआउट हैं। वह गोल्ड क्वाइन सेल कर इस राशि को नगदी में बदल लेते थे। ठगी के लिए यह बायनेंस एप का उपयोग करते थे। इस तरह यह सायबर ठगी की दो नंबर की राशि को एक नंबर में तब्दील कर लेते थे।

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