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तीन दिन तक होगा बालिका शिक्षा पर मंथन

विद्याभारती की अखिल भारतीय कार्यशाला शुरू

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आरएसएस के अनुषांगिक संगठन विद्या भारती की तीन दिवसीय अखिल ‘बालिका शिक्षाÓ विषयक कार्यशाला आज से शुरू हो गई है। तीन दिन तक चिंतामण रोड स्थित सम्राट विक्रमादित्य प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र में बालिका शिक्षा पर विचार किया जाएगा।
74 साल से सक्रिय विद्या भारती के 21,514 विद्यालय हैं और इनमें 35 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। करीब 1.54 लाख शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवा दे रहे हैं। ”बालिका शिक्षा’ कार्यशाला में देशभर के 11 क्षेत्रों एवं 40 प्रांतों के 82 क्षेत्रीय एवं प्रांतीय संयोजक तथा सह-संयोजक सहभागिता करेंगे। सामाजिक जीवन में सक्रिय 14 विशिष्ट आमंत्रित महिला प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगी।

विद्याभारती की निधि भटनागर ने बताया कि भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर कार्यशाला में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री यतींद्र शर्मा विद्या भारती के उपाध्यक्ष एवं बालिका शिक्षा के अखिल भारतीय प्रभारी अवनीश भटनागर पूरे समय उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का संचालन अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका सुश्री रेखा चुडासमा के मार्गदर्शन में होगा।

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कार्यशाला का क्या है मकसद

 बालिकाओं में नैसर्गिक, मनोवैज्ञानिक, भावात्मक एवं संस्कारजन्य गुणों को विकसित करने की योजनाएं बनाना।

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बालिकाओं के समग्र विकास, चरित्र निर्माण एवं नेतृत्व क्षमता के विकास की गतिविधियों का निर्धारण करना।

 वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए विवेकपूर्ण मार्गदर्शन की व्यवस्था करना

 बालिकाओं में भारतीय नारी स्वरूप एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास करना।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा, परिवार व्यवस्था, संस्कार एवं संस्कृति के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना।

प्रचार प्रमुख सुदर्शन शिशुलकर ने बताया अभी यह गतिविधि संचालित की जा रही हैं।

1. माता- पुत्री विचार गोष्ठी- इसमें किशोर वय की बालिकाओं माताओं की गोष्ठियां करते हैं। कन्या भारती योजना के माध्यम से मातृत्व, कर्तृत्व एवं नेतृत्व का विकास।

2. परंपरागत एवं स्थानीय कला कौशल विकास।

3. बालिकाओं हेतु आत्म रक्षा का प्रशिक्षण।

4. वालिका शिविर, पाक कला शिविर, गृह विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा देना।

5. प्रेरक व्यक्तितत्व से बालिकाओं का इंटरव्यू कराते हैं।

6. सरस्वती यात्रा के माध्यम से शासकीय, अशासकीय संस्थानों पर बालिकाओं की मुलाकात, अनुभव कथन एवं प्रोजेक्ट।

कार्यशाला में मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री मा. अखिलेश मिश्रा, मालवा प्रांत संगठन मंत्री मा. योगेश शर्मा, क्षेत्रीय सह मंत्री डॉ. हिना नीमा, प्रांत सह सचिव अनुराग जैन एवं प्रांत प्रमुख पंकज पवार भी उपस्थित रहेंगे।

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