दमदार होगा सिंहस्थ मेला प्राधिकरण, एक्ट में बदलाव की तैयारी

सीएम हो सकते है अध्यक्ष सचिव होंगे मेलाधिकारी

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। करीब २२ साल पहले गठित किए गए सिंहस्थ प्राधिकरण को दमदार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। एक्ट में बदलाव कर पूरे अधिकार देने का प्लान किया जा रहा है। सीएम इसके अध्यक्ष और मेलाधिकारी सचिव हो सकते हैं। एक कार्यकारिणी प्राधिकरण का काम संभाल सकती है।
2004 में उज्जैन में सिंहस्थ प्राधिकरण का गठन किया गया था। वरिष्ठ नेता दिवाकर नातू इसके पहले अध्यक्ष बने थे। करीब १४ साल तक इस पद पर रहे नातू को बृहस्पति भवन में दो कमरे आवंटित किए गए थे। ५० हजार रुपए महीने का बजट दिया गया था। इसमें ही नातू को कार्यालय का संचालन और वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती थी।
सूत्रों के मुताबिक हाल ही प्राधिकरण-मंडल की नियुक्तियों के दौरान सिंहस्थ प्राधिकरण में भी नियुक्ति का प्रस्ताव था। शहर के एक वरिष्ठ नेता को यह पद ऑफर भी कर दिया गया था लेकिन उन्होंने विनम्रता से यह कहते हुए इसे अस्वीकार कर दिया था कि वे कागजी पद नहीं, अथॉरिटी वाला पद चाहते हैं।
उनके इस प्रस्ताव के बाद सिंहस्थ प्राधिकरण को दमदार बनाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अभी उज्जैन का सिंहस्थ १९५५ के बने मेला एक्ट से संचालित होता है। नए प्रोविजन में फुल फ्लैश सिंहस्थ मेला प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव है। यह एक अथॉरिटी होगी, प्रयागराज मेला प्राधिकरण की तरह। जिसके अध्यक्ष सीएम होंगे और सचिव मेलाधिकारी या संभागायुक्त।
डे-टू-डे काम के लिए कार्यकारिणी
सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के डे-टू-डे काम के लिए कार्यकारिणी बनाई जाएगी। इसमें एक उपाध्यक्ष के साथ कुछ सदस्य रखे जा सकते हैं। यह कार्यकारिणी डे टू-डे की वर्किंग करेगी।









