पर्यावरण दिवस से शुरू होगा 10 लाख पौधे रोपने का महाभियान

2000 पौधों से होगी शुरुआत, सिंहस्थ क्षेत्र में १२ फीट ऊंचे पौधे लगाएंगे, पर्यावरण प्रेमी व सामाजिक संस्थाओं की बैठक

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ को हराभरा रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री की मंशानुसार 10 लाख पौधे शहर में लगाने की तैयारी में प्रशासन जुट गया है। अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून ) पर 2 हजार पौधे लगाकर की जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र में 12 फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे, ताकि यह तेजी से पेड़ बन सकें। पौधारोपण अभियान के लिए मंगलवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय में महापौर मुकेश टटवाल एवं निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने शहर की सामाजिक और पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की। इसमें अभियान को सरकारी न रखते हुए जन-आंदोलन बनाने का फैसला किया गया।
महापौर ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में 10 से 12 फीट की ऊंचाई वाले पौधे लगाने से यह शीघ्रता से वृक्ष का रूप ले सकेंगे। सिंहस्थ में यह श्रद्धालुओं को शीतल छाया प्रदान करेंगे।
सभी 6 जोनों में लगेगा हरित मेला
उद्यान विभाग के अपर आयुक्त योगेंद्र सिंह पटेल ने अभियान का तकनीकी रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि सभी ६ जोनों में 2000 से अधिक बड़े पौधे लगाने का प्रारंभिक लक्ष्य है। इसके लिए प्रमुख स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है।
यहां लगेंगे पौधे
जोन 1 – कालिदास उद्यान
जोन 2 – गोवर्धन सागर क्षेत्र
जोन 3 – नृसिंह घाट,
जोन 4 – मयूरवन एवं अंबेडकर उद्यान
जोन 5- नगर वन
जोन 6- नानाखेड़ा स्थित 4आर पार्क
सामाजिक संस्थाओं से मिला भरोसा
सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे पौधा लगाने के साथ उनके संरक्षण का जिम्मा भी उठाएंगे। इनमें सिंधी समाज, लायंस क्लब, माधव कॉलेज, हरियाली महोत्सव समिति, गायत्री परिवार एवं अन्य पर्यावरण प्रेमी संगठन प्रमुख हैं।
इनका कहना: यह अभियान उज्जैन के हर जिम्मेदार नागरिक का है। हमारी आने वाली पीढ़ी और सिंहस्थ को सुरक्षित व सुंदर बनाने के लिए हम सबको मिलकर इस जन-अभियान को सफल बनाना होगा।
— मुकेश टटवाल, महापौर
अचानक जोन 4 में पहुंचे निगम आयुक्त कई अनुपस्थित मिले, शोकाज भी जारी
उज्जैन। मंगलवार को निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा अचानक जोन 4 के दफ्तर में पहुंच गए। उनके एकाएक आने से कार्यालय में हड़कंप मच गया। निगमायुक्त ने सबसे पहले अटेंडेंस रजिस्टर चैक किए और बिना पूर्व सूचना के नदारद कर्मचारियों-अफसरों को शोकाज जारी करने के निर्देश दिए। मिश्रा ने जोनल अधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों की सूची बनाकर उन्हें तत्काल कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाए। संतोषजनक जवाब नहीं मिले तो वेतन काटें।
निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही का एक और मामला सामने आया। गोदिया ट्रेंचिंग ग्राउंड में पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक कैलाश यादव कार्यालय से नदारद थे, जबकि हाजिरी रजिस्टर में उनकी उपस्थिति दर्ज थी। इस गंभीर गड़बड़ी और फर्जी हाजिरी को निगमायुक्त ने चरम अनुशासनहीनता मानते हुए जोनल अधिकारी को संबंधित एआरआई के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।









