निगम आयुक्त को अपने ही कार्यालय में गायब मिले कर्मचारी, एक निलंबित, 5 का कटेगा वेतन

स्थापना, जन्म-मृत्यु और सामान्य प्रशासन विभाग में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
4 महिला कर्मचारी भी गायब मिली, वेतन कटेगा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने नगर निगम के विभिन्न विभागों की सरप्राइज चैकिंग की। इस दौरान आयुक्त ने बिना सूचना लंबे समय से अनुपस्थित एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा पांच अन्य अनुपस्थित कर्मचारियों का दो-दो दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त मनोज कुमार मौर्य भी इस दौरान उनके साथ थे।
निगम आयुक्त सबसे पहले स्थापना शाखा पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारियों की जानकारी लेते हुए जब अटेंडेंस रजिस्टर चैक किया तो सहायक वर्ग-3 के कर्मचारी अभिषेक रघुवंशी के 1 जून से साइन नहीं मिले। छानबीन में पता चला कि रघुवंशी ने 1 से 5 जून तक की छुट्टी का आवेदन दिया था, लेकिन वह मंजूर नहीं हुआ था। इसके बावजूद वे 5 जून के बाद भी आज तक बिना किसी सूचना के दफ्तर से नदारथ थे। इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी शाखा में अनुपस्थित मिले एक अन्य सहायक वर्ग-3 कर्मचारी हर्षिल शाह का दो दिन का वेतन काटने का आदेश दिया गया।
स्थापना शाखा के बाद आयुक्त जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन शाखा, मानचित्र विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग पहुंचे यहाँ भी हाजिरी रजिस्टर की बारीकी से जांच की गई, जिसमें चार महिला कर्मचारी बिना बताए दफ्तर से गायब मिलीं। कमिश्नर मिश्रा ने जन्म-मृत्यु शाखा की प्रभारी लिपिक सोनू मकवाना व पूजा चौधरी, सामान्य प्रशासन विभाग की प्रभारी लिपिक लक्ष्मी राणावत तथा इसी विभाग की भृत्य राजूबाई का दो-दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
समय पर आएं, काम करें वरना कार्रवाई तय
औचक निरीक्षण के बाद निगम आयुक्त ने निगम के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी दफ्तर के निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित हों और सौंपे गए कार्यों को जिम्मेदारी से पूरा करें। भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और यदि कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के गायब पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार इससे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।









