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एक शक ने उजाड़ दिया परिवार, भतीजे ने रची थी मौत की पूरी पटकथा

सुल्तान मर्डर केस : चरित्र शंका में भतीजे ने पत्नी और नाबालिग भाई संग मिलकर दी खौफनाक मौत

 

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। बडऩगर तहसील के ग्राम पीरझलार में 28 मई से लापता 35 वर्षीय सुल्तान पटेल की रहस्यमयी गुमशुदगी और बाद में बोरे में बंद मिली लाश के मामले में पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सुल्तान की किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके सगे भतीजे ने अपनी पत्नी और नाबालिग भाई के साथ मिलकर हत्या की थी।

बडऩगर थाना प्रभारी कमलेश सिंघार ने बताया कि मुख्य आरोपी नौशाद पिता सादिक पटेल को शंका थी कि उसका काका सुल्तान पिता अजगर पटेल उसकी पत्नपी मेमसान पर बुरी नजर रखता है। साजिश के तहत जब सुल्तान की पत्नी मायके (इंदौर) गई हुई थी, तब नौशाद ने ईद के बहाने काका सुल्तान को २८ मई को अपने घर दावत पर बुलाया। घर के भीतर मौका पाकर नौशाद ने सुल्तान के सिर पर कपड़े धोने वाली मोगरी से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

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हत्या के बाद रात करीब 12 बजे नौशाद ने अपनी पत्नी मेमसान और नाबालिग भाई के सामने लाश को एक बोरे में बंद किया। इसके बाद वे अपनी स्विफ्ट कार से शव को ठिकाने लगाने निकल गए और उज्जैन से दूर यशवंत सागर तालाब (हातोद थाना क्षेत्र) की झाडिय़ों में फेंककर सुबह चुपचाप घर लौट आए। घटना के अगले दिन सुलतान की पत्नी लौटी और घर में सुलतान के नहीं मिलने पर उसने बडऩगर थाने में सुलतान की गुमशुदगी दर्ज करवाई।

लापता होने के ९ दिन बाद 6 जून को हातोद पुलिस को बोरे में बंद लाश मिली थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह (सुधार गृह) भेज दिया गया है। जबकि मेमसान को को केंद्रीय जेल भैरवगढ़ भेजा गया है। मुख्य आरोपी नौशाद को हत्या के हथियारों की बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के लिए कोर्ट से 2 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

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