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ढाबे पर खाना खाने आई थी महिला बंधक बना दुष्कर्म किया, मिली उम्रकैद

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विशेष अदालत (एससी-एसटी एक्ट) ने एक महिला से मारपीट कर दुष्कर्म करने वाले ढाबा संचालक को आजीवन कारावास से दंडित किया है। उसे अर्थदंड की सजा सुनाई है।

 

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मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया आरोपी लाखनसिंह गुर्जर (३७) झिरनिया (थाना माकड़ौन) का रहने वाला है। उसने दर्शन कर लौट रही पीडि़ता के साथ ढाबे पर दरिंदगी की थी। 15 सितंबर 2024 को पीडि़ता साथी के महिदपुर के पास स्थित घड़ी वाले बाबा के दर्शन करने गई थी। दोनों को यहां से लौटते समय रात के 10 बज गए थे। घर जाने से पहले दोनों ने बाहर ही खाना खाना तय किया और यह लोग खाना खाने के लिए लाखनसिंह के ढाबे पर रुके थे।

खाना खाने के बाद पीडि़ता और उसके साथी जब बिल भुगतान करने पहुुचे तो आरोपी की नीयत पीडि़ता को देखकर बिगड़ गई। रात का समय था और इस दौरान ढाबे पर ज्यादा भीड़ भी नहीं थी। पहले तो ढाबा संचालक ने रुपए नहीं लेने का झांसा देकर पीडि़ता को मनाने की कोशिश की, लेकिन जब उसने कहा कि पैसे लेने ही पड़ेंगे तो ढाबा संचालक पीडि़ता से रात ढाबे पर ही रुकने और संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। पीडि़ता ने जब इससे इंकार किया तो उसने डराना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उसने तलवार निकाल ली और पीडि़ता को बंधक बना लिया।

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तलवार दिखाकर साथी को भगाया
पीडि़ता के विरोध करने पर लाखनसिंह तैश में आ गया। उसने पीडि़ता और उसके साथी को जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट की। आरोपी ने तलवार दिखाकर पीडि़ता के साथी को भगा दिया। इसके बाद पीडि़ता को ढाबे के कमरे में बंधक बना लिया और उससे दुष्कर्म किया। मामले में माकड़ौन पुलिस ने कार्रवाई की थी। मामले की पैरवी प्रभारी उप निदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खांडेकर के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक ईश्वर सिंह केलकर ने की गई।

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