शिवसेना में फिर बगावत, उद्धव के 6 सांसदों ने छोड़ा साथ

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। सांसदों ने मुंबई स्थित शिंदे के नंदनवन आवास पर बैठक के बाद औपचारिक रूप से पार्टी बदलने की घोषणा की।

शिवसेना में शामिल होने वाले सांसदों में संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और ओमप्रकाश राजे निंबालकर शामिल हैं। इन सांसदों के आने से लोकसभा में शिंदे गुट की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट के पास अब केवल 3 सांसद रह गए हैं।
इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि वर्ष 2022 में पार्टी और चुनाव चिन्ह को बचाने के लिए शुरू हुई लड़ाई अब और मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सांसदों ने उनकी पार्टी का दामन थामा है।
वहीं, इस घटनाक्रम पर उद्धव ठाकरे के पुत्र और विधायक आदित्य ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने अपनी निष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह फैसला व्यक्तिगत लाभ के लिए लिया गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक में ये छह सांसद शामिल नहीं हुए थे। बैठक में केवल अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे। उस समय पार्टी नेता संजय राउत ने आरोप लगाया था कि कुछ सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है।
इस घटनाक्रम को 2022 के बाद शिवसेना में हुई दूसरी बड़ी टूट माना जा रहा है, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।









