योगमय हुआ विश्व, भारत समेत दुनिया में गूंजी ओम की ध्वनि

‘करो योग, रहो निरोग’ के पावन और स्वास्थ्यवर्धक संदेश के साथ रविवार को भारत सहित संपूर्ण विश्व में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अभूतपूर्व उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही देश-दुनिया के पार्कों, खेल मैदानों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रांगण योगमय हो उठे। प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिकों, वरिष्ठ जनों, युवाओं और नन्हे बच्चों तक ने इस वैश्विक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामूहिक योगासन किए। इस वर्ष के योग दिवस का मुख्य विषय (थीम) मानव जीवन में ‘शारीरिक और मानसिक कल्याण (Wellness) को बढ़ावा देने’ पर विशेष रूप से केंद्रित रहा।

वैश्विक मंच पर योग: अमेरिका से लेकर यूरोप तक धूम
भारतीय संस्कृति की इस अनमोल धरोहर का प्रभाव आज सरहदों के पार भी साफ दिखाई दिया। योग दिवस के इस विशेष अवसर पर अमेरिका, यूरोप और एशिया के तमाम प्रमुख देशों से सामूहिक योग सत्रों की बेहद खूबसूरत तस्वीरें सामने आईं। वैश्विक स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में विभिन्न देशों के नागरिकों ने एक साथ ‘ओम’ का उच्चारण कर मानसिक शांति और वैश्विक सौहार्द का संदेश दिया। इस अवसर पर दुनिया भर के प्रबुद्ध जनों ने भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में नियमित योग और ध्यान को अपनाने पर जोर दिया।
उत्तरकाशी में अद्वैत जागरण शिविर का भव्य आगाज
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस ऐतिहासिक मोड़ पर उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और वैचारिक समागम की शुरुआत हुई।
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आयोजन: उत्तरकाशी में ‘आचार्य शंकर न्यास’ के तत्वावधान में 50वें अद्वैत जागरण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया।
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युवाओं की भागीदारी: इस विशेष शिविर में देश के 10 से अधिक राज्यों से आए सैकड़ों ऊर्जावान युवाओं ने हिस्सा लिया।
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संकल्प: कार्यक्रम की शुरुआत में सभी युवाओं ने सामूहिक रूप से योग और प्राणायाम का अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय दर्शन के अनुरूप देश की सांस्कृतिक और आत्मिक एकजुटता को मजबूत करने के लिए ‘एकात्मता का संकल्प’ भी लिया।









