महाकाल-काल भैरव मंदिर में वीआईपी कल्चर के खिलाफ बजरंग दल का प्रदर्शन

शंख द्वार पर किया हनुमान चालीसा का पाठ, मंदिर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी कल्चर व काल भैरव मंदिर में लागू की गई 500 रुपए की सशुल्क दर्शन व्यवस्था के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संगठन कार्यकर्ताओं ने महाकाल लोक से शंख द्वार तक आक्रोश मार्च निकाला और ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ता आम जनता की तरह कतार में लगकर बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे और शंख द्वार पर बैठकर सामूहिक हनुमान चालीस पाठ किया। भारी भीड़ और हंगामे को देखते हुए महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने भी किला लड़ाया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम का ज्ञापन महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और आशीष फलवाडिया को सौंपा।
भगवान के द्वार पर खत्म हो असमानता
विहिप ने ज्ञापन में कहा कि भगवान के दरबार में सभी भक्त समान हैं। वहां कोई अमीर-गरीब, मूल्यवान या मूल्यहीन नहीं होता। वीआईपी व्यवस्था सनातन आस्था के मूल सिद्धांतों पर चोट करती है। यह समाज में असमानता पैदा कर रही है। संगठन ने मांग की है कि इस भेदभावपूर्ण वीआईपी व्यवस्था को तुरंत बंद कर सभी के लिए एक समान और क्रमबद्ध दर्शन व्यवस्था लागू की जाए।
मंदिर निर्माण और लाइव दर्शन में देरी क्यों..?
शंख द्वार के समीप बने प्राचीन श्रीहरि मंदिर को तोड़ दिया गया। मंदिर के पुनर्निमाण मेें जानबूझकर देरी की जा रही है। लाइव दर्शन भी शुरू नहीं किए गए हैं। विहिप के सह प्रचार-प्रसार प्रमुख राज जोशी चेतावनी देते हुए कहा कि एक आदर्शवादी और सक्षम व्यवस्था के अभाव के कारण आज महाकाल मंदिर की यह दुर्दशा हुई है।
एक पहलू यह भी
11568 को कराए वीआईपी दर्शन व 2068 भस्मारती
सूत्रों के मुताबिक वीआईपी कल्चर का विरोध कर रही विहिप ने इस वर्ष 1 जनवरी से जून तक 11 हजार 568 लोगों को वीआईपी दर्शन नि:शुल्क करवाएं हैं। अगर मंदिर 250 रुपए दर्शन शुल्क के मान से देखे तो करीब 29 लाख रुपए की मंदिर की आय इससे प्रभावित हुई है। इसके अलावा विहिप की अनुशंसा पर 2026 भस्मारती अनुमति भी मंदिर से बनवाई गई है।









