खुला नाला, कूदकर पार नहीं कर सकते

सीढिय़ां टूटने से दुकानों पर नहीं जा पा रहे व्यापारी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बड़ी सब्जी मंडी के पास रामप्रसाद भार्गव मार्ग पर नगर निगम का अतिक्रमण अभियान चल रहा है। अतिक्रमण हटाने का कारण नालियों की साफ-सफाई में हो वाली परेशानी है। फ्रूट मार्केट में सफाई की समस्या जरूर है परंतु सब्जी मार्केट में नहीं। यहां दुकानों पर जाने वाली पांच फीट ऊंची सीढिय़ां भी अतिक्रमण दल ने तोड़ दी है। इस कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान तो हुआ ही वे फर्शियां हटाने के बाद दुकानों तक नहीं जा पा रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के बाद नालियों पर फर्शी भी नहीं लगाई है। व्यवसायियों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें न नोटिस मिला न सूचना सीधे सीढिय़ां तोड़ दी गईं, ऐसे में उनके सामने दुकानों पर जाने की मुसीबत पैदा हो गई है।
नाली नहीं फिर भी चढ़ाव तोड़ दिया, दुकान जाने का रास्ता बंद हो गया
रामप्रसाद भार्गव मार्ग पर सब्जी मंडी क्षेत्र में अनाज, मेडिकल, कबाड़, फोटोकॉपी, फोटो स्टूडियो सहित अन्य व्यवसायियों करीब 100 दुकानें हैं। इनमें से सड़क के एक तरफर स्थित आधी दुकानों के चढ़ाव और सीढिय़ां तोड़ दी गईं हैं। क्षेत्र में मंगलवार से यह कार्रवाई चल रही है। सड़क चौड़ी करने के लिए निगमायुक्त धन्यवाद के पात्र हैं। कमिश्नर ठीक काम कर रहे हैं परंतु उनके सलाहकार सही नहीं हैं। इस कार्रवाई से पहले लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया न ही कोई नोटिस या सूचनापत्र दिया गया।
-सलीम कबाड़ी
पूर्व पार्षद
निगम कर्मचारियों से कहा था कि नाली से पांच फीट ऊपर दुकान है। दुकान तक जाने के लिए सीढ़ी आवश्यक है। इसके बावजूद ननि की टीम ने सीढ़ी तोड़ दी। नाली के ऊपर बनाया ओटला तोड़ दिया। कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया। अतिक्रमण में चबूतरा तोड़ते हैं पर यहां तो दुकानों तक जाने वाली सीढिय़ां ही तोड़ दी। दुकान तक जाने का रास्ता ही बंद हो गया है। ऐसे में दुकानदार परेशान हो रहे हैं। निगम की कार्रवाई का स्वागत है, पर उसे यह भी देखना चाहिए कि व्यापार-धंधे में कोई परेशानी नहीं हो। यहां तो परेशानी ही परेशानी हो रही है। अब ना तो दुकान पर जा पा रहे हैं, ना ही व्यवसाय कर पा रहे हैं।
-शाकिर हुसैन, कारोबारी
मंगलवार को दुकान बंद थी। मैं घर पर सो रहा था। इस दौरान निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंच गई। उसने दुकान तक जाने वाली सीढिय़ां तोड़ दी। दुकान तक पहुंचने का अब कोई रास्ता नहीं है। मंगलवार से आज तक कोई ग्राहक दुकान पर नहीं आ पाया है। आने वाले दिनों में भरण-पोषण की समस्या हो जाएगी। सीढिय़ां बनवाने में 12 से 15 हजार रुपए खर्च हो जाएगा।
– महेश देवड़ा, सैलून संचालक
दुकान के सामने नाली नहीं है फिर भी फर्शी तोड़ दी है। विकास की योजना में हमारा साथ रहेगा। हो सकता है नाली चोक से बचाने के लिए तोडफ़ोड़ की गई हो, पर अभी तो परेशानी हो रही है। कम से कम समय तो दैना चाहिए था।
– रवि, व्यवसायी









