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वार्ड 34 में सड़क चौड़ीकरण का काम बेहद धीमा, रहवासी हो रहे परेशान

18 महीने में काम पूरा करना है, 9 महीने बीते, इनमें 4 बारिश के , बचे 5 में कैसे होगा ?

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। राहगीरों और रहवासियों तथा सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वार्ड 34 में गदा पुलिया से लाल पुल तक करीब पौने दो किलोमीटर की सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है परंतु ठेकेदार की मनमानी और नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह कार्य रहवासियों के लिए असुविधा और परेशानी का कारण बन गया है।

टेंडर स्वीकृत होने के बाद पिछले साल 25 अक्टूबर से काम शुरू हुआ था परंतु ठेकेदार ने मनमानी शुरू कर दी और नगर निगम के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया। डेढ़ साल में काम पूरा करना था जिसमें से 9 महीने बीत चुके हैं। शेष 9 महीने में से 4 महीने बारिश के कारण काम नहीं हो पाएगा और शेष 5 महीने में काम कैसे पूरा होगा विचारणीय है। काम अधूरा छोड़ देने के कारण क्षेत्र के रहवासी परेशानी उठा रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार गदा पुलिया से रविशंकर नगर, भगतसिंह मार्ग, जयसिंहपुरा होते हुए लाल पुल तक करीब पौने दो किलोमीटर लंबी और 30 फीट चौड़ी सड़क को 80 फीट चौड़ी किया जा रहा है। टैंडर स्वीकृत होने के बाद 25 अक्टूबर 2025 से काम शुरू हो गया था। शुरुआत में एक किलोमीटर तक की सड़क का काम चल रहा है। आवश्यक भूमि के लिए सड़क किनारे के मकान तोड़े गए हैं।

इस कार्यवाही में किसी रहवासी का एक कमरा तो किसी के दो कमरे टूटे हैं। कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनका पूरा मकान ही टूट गया है। सीढिय़ां भी टूट गई हैं जिसके कारण घर से बाहर आने में परेशानी हो रही है। इस क्षेत्र में करीब 600 परिवार रहते हैं जो मध्यम वर्गीय हैं। सड़क का काम पूरा होने से पहले कोई निर्माण भी नहीं करवा सकते हैं। धीमी गति से काम होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है।

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सप्ताह में एक-दो दिन ही चल रहा है काम
जयसिंह पुरा क्षेत्र के निवासी जगदीश बागड़ी ने बताया पोकलेन और जेसीबी से काम कर रहे हैं। सप्ताह में एक दो दिन काम होता है। शेष दिन काम बंद रहता है। इंदौर से आने वाले दर्शनार्थी इसी रास्ते से महाकाल लोक तक जाते हैं जिन्हें परेशानी होती है। स्थानीय रहवासी भी परेशान हो रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की परंतु किसी ने ध्यान नहीं दिया। ठेकेदार ने भी आश्वासन दिया परंतु काम में कोई तेजी नहीं आई।

किसी को मुआवजा भी नहीं मिला
स्थानीय रहवासी राजेश राठौड़ ने बताया करीब 25 फीट तक मकान टूटे हैं परंतु किसी को मुआवजा नहीं मिला। किसी का एक तो किसी के दो कमरे टूटे हैं।

डेढ़ किमी दूर से पानी लाते हैं
दीपेश खिंची ने बताया जेसीबी और पोकलेन सावधानी पूर्वक नहीं चलाने के कारण पाइप लाइन भी टूट गई है। अधिकतर नल नहीं आते हैं। कभी नल आ भी जाएं तो टूटी पाइप लाइन के कारण सीवर लाइन का पानी मिल जाता है तथा दूषित पेयजल वितरित होता है। डेढ़ किलोमीटर दूर जंतर-मंतर या काली माता मंदिर क्षेत्र से पानी लाना पड़ता है। कई लोगों को पेयजल के लिए आरओ वाटर की केन खरीदना पड़ रही है।

महाकाल जाने का प्रमुख मार्ग
रहवासी दीपेश खिंची और मनीष भाट ने बताया महाकाल लोक जाने के लिए प्रमुख मार्गों में से यह एक रास्ता है। इंदौर से आने वाले श्रद्धालु इसी रास्ते से महाकाल लोक जाते हैं। समय पर काम पूरा होने जैसी स्थिति नहीं दिख रही है।

समय पर काम पूरा हो जाएगा
इस संबंध में पूछने पर अधिकारी राहुल चौहान ने बताया अनुबंध के अनुसार समय पर काम पूरा नहीं होने पर नियमानुसार पेनल्टी लगाई जाएगी। मजदूर नहीं मिलने के कारण काम धीमा हुआ है। पूर्व में तेजी से काम हुआ था। बारिश के बाद निर्धारित अवधि में काम पूरा करवा लेंगे।

पांच लाख पेनल्टी लगाई है
पार्षद प्रतिनिधि विजय चौधरी ने बताया उन्होंने कार्यस्थल का निरीक्षण किया है। इस संबंध में निगमायुक्त से चर्चा हुई थी। निगमायुक्त ने ठेकेदार पर पांच लाख रुपए पेनल्टी भी लगाई है। ठेकेदार से भी चर्चा हुई थी। उन्होंने निर्धारित समय में काम पूरा करने का दावा किया है।

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