हनी ट्रैप: दोस्त ने रची साजिश, होटल व्यवसायी ने दिया अंजाम, प्रेमिका को बनाया था हथियार

नरवर के युवक से 10लाख की फिरौती वसूलने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
उज्जैन। जल्दी अमीर बनने के चक्कर में एक होटल कारोबारी ने हनीट्रैप गैंग बना ली। इसमें उसने अपने ही एक दोस्त की माशूका को शामिल किया। अपने ही एक अन्य दोस्त से मिली जानकारी के बाद उसने शिकार (नरवर के हैदर पटेल) तलाशा और युवती के इंस्टाग्राम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज शिकार भी फांस लिया। एक दर्जन लोगों ने शिकार को पीटा, वीडियो बनाया और दस लाख रुपए भी वसूल लिए। मगर बचे २६ लाख रुपए के लिए शिकार को परेशान करना उन्हें भारी पड़ गया और दस आरोपी हिरासत में पहुंच गए। २ अभी भी फरार हैं।
दरअसल, नरवर के रहने वाले २९ साल के हैदर कमाल पटेल को 18 जुलाई को 11 युवकों ने उस वक्त दबोच लिया था, जब वह भोपाल की रहने वाली इंस्टाग्राम फ्रेंड अंजलि ठाकुर के साथ इंदौर रोड पर था। अंजलि वास्तव में हैदर की फ्रेंड नहीं थी, एक हनीट्रैप गैंग का हिस्सा थी। गैंग का मास्टर माइंड पंवासा का 30 साल का लोकेश शर्मा है। वह महाकाल क्षेत्र में होटल चलाता है। उसने ही हनीट्रैप गैंग बनाया था। दबंग हिंदू सेना के पदाधिकारी लोकेश को ट्रैप के लिए एक युवती की जरूरत हुई तो इसका इंतजाम तिरुपति धाम के 20 साल के आर्यन राठौर ने किया। उसकी भोपाल की अंजलि ठाकुर से दोस्ती थी और रुपयों के लालच में वह गैंग का हिस्सा बन गई। इन लोगों ने इदरीस के इनपुट पर हैदर को शिकार बनाया।
परिचित इदरीस ने दी जानकारी
नानाखेड़ा टीआई नरेंद्र कुमार यादव के मुताबिक हैदर को फांसने की जानकारी नरवर के रहने वाले इदरीस पटेल ने दी थी। इदरीस हैदर का दोस्त है और उसे यह पता था कि हैदर के पास हाल ही में अच्छा पैसा आया है। उसने हैदर की इंस्टाग्राम आईडी लोकेश को उपलब्ध कराई। लोकेश ने इसे आर्यन को दिया। आर्यन के कहने पर अंजलि ने 14 जुलाई को हैदर को अपनी इंस्टाग्राम आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। उसकी रिक्वेस्ट हैदर ने एक्सेप्ट की तो। दोनों के बीच चैट होने लगी। अंजलि ने काम की जरूरत बताई तो 29 साल के हैदर ने उसे उज्जैन बुला लिया। 18 जुलाई को दोनों इंदौर रोड की एक होटल से कार से निकल ही रहे थे कि गैंग के सदस्यों ने धावा बोल दिया और हैदर को अपने कब्जे में कर लिया। उसके परिवार से 50 लाख रुपए मांगे और 26 लाख लेना तय किया। इसमें भी हैदर 10 लाख रुपए ही दे सका।
छोडऩे के बाद भी मांगते रहे 16 लाख
आरोपी धरे नहीं जाते, यदि वह बचे 16 लाख रुपए लेने के लिए दबाव नहीं बनाते। इतनी राशि जुटाने में असमर्थ हैदर ने नानाखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी और फिर तकनीकी मदद से आरोपी धर लिए गए।
अमीरी की चाहत, आरोपी 20-30 के
पकड़े गए आरोपी जल्दी अमीर बनने की चाहत रखते थे। इनकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है। आरोपियों में लोकेश राजेश शर्मा,(30 ) पंवासा, राजपाल जालम सिंह राठौड़, (22) जहांगीरपुर, इंगोरिया, पंकज गजानंद बमोरिया,(35), अंवति पुरा, यशवंत जगदीश देवड़ा, ( 23 ) और आर्यन मुकेश राठौर,(20) तिरुपति धाम लखन नारायण सिंह पंवार, ( 22 ) पिपलिया डाबी, उन्हेल, इदरीस दिलीप पटेल, नरवर, इमरान उर्फ राजा खाजू पटेल और जयसिंह अजबसिंह चौहान बदरखा के रहने वाले हैं, जबकि आयुष दिनेश जाटवा, भेरूनाला का रहने वाला है। पंवासा का रहने वाला दीपक राजपूत और भोपाल की रहने वाली अंजलि ठाकुर फरार है।
5 लाख बरामद, बाकी उड़ा दिए
आरोपियों ने हैदर से मिले 10 लाख रुपए का बंटवारा आपस में कर लिया था। इसमें से 5 लाख रुपए बरामद कर लिए गए हैं। शेष राशि आरोपियों ने दो ही दिन में खर्च कर दी।









