फ्रीगंज में पाइपलाइन खुदाई ने ठप किया व्यापार

हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट : खुदाई के बाद मिट्टी बगैर दबाए छोड़ी, कीचड़ में फिसल रहे लोग, व्यापारी परेशान
शहर की जलापूर्ति को बेहतर बनाने वाले हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट की पाइपलाइन खुदाई ने फ्रीगंज के कारोबारियों का व्यापार ठप कर दिया है। पांच दिन पहले निर्माण एजेंसी ने गुरुद्वारा रोड से कंट्रोलरूम तक सड़क की खुदाई की, पाइप डाल दिए और मिट्टी को यूं ही छोड़ दिया। सोमवार से हो रही हल्की-फुल्की बारिश ने मिट्टी को कीचड़ में बदल दिया है और लोग परेशान हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत व्यापारियों को हो रही है। उनका कामकाज ठप पड़ा है।
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आंध्रप्रदेश की नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट का काम कर रही है। 11 अरब (1100करोड़) के इस प्रोजेक्ट को ताबड़तोड़ मंजूरी दी गई थी। प्रोजेक्ट के तहत शहर में नई पाइपलाइन बिछ़ाने के साथ 17 टंकियों का निर्माण भी किया जाना है। जल सप्लाई की इस योजना को उज्जैन के लिए गेमचेंजर बताया जा रहा है। डेढ़ साल में योजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है और कंपनी ने तेजी से इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके तहत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। खासकर टंकियों को भरने वाली मेन राइजिंग लाइन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
कंपनी का इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर, महाश्वेतानगर तक तो काम बहुत ही अच्छा चला लेकिन फ्रीगंज में आते ही खराबी आनी शुरू हो गई है। शनिवार को कंपनी ने राजस्व कॉलोनी स्थित पानी की टंकी को जोडऩे के लिए फ्रीगंज क्षेत्र में प्रियदर्शिनी चौराहा से गुरुद्वारा वाली लाइन में खुदाई शुरू की, खुदाई के बाद पाइप भी डाल दिए। बस कंपनी एक चूक कर गई। उसके अफसर पाइप डालने के बाद मिट्टी की लेवलिंग भूल गए और यहीं परेशानी बन गई।
लेवलिंग नहीं होने से फैली काली मिट्टी और कीचड़
फ्रीगंज क्षेत्र में काली मिट्टी है। लेवलिंग नहीं होने से यह मिट्टी उठी रह गई और सोमवार से शुरू हुई बारिश के बाद यह कीचड़ में बदल गई। अब कीचड़ में वाहन फिसल रहे हैं और लोग स्लीप हो रहे हैं। फिसलन से बचने के लिए लोग वाहन धीमे चला रहे हैं और इस वजह से राजस्व कॉलोनी चौराहा (नवकार कॉम्पलेक्स के सामने) पर दिन में कई मर्तबा जाम लग रहा है। जीरो पाइंट ब्रिज पर जाने का यह मुख्य मार्ग हैं और लोग परेशान हो रहे हैं।
कारोबार घटा, लोग परेशान
इस मुश्किल का सबसे ज्यादा सामना व्यापारी कर रहे हैं। दुकान के सामने ही खुदाई होने से उनका व्यापार ठप हो गया है। राजस्व कॉलोनी से इंदिरा गांधी चौराहे तक पूरे रोड पर मिट्टी के कारण कीचड़ ही कीचड़ है। लोग स्लीप हो रहे हैं। कारोबार ठप हो गया है। घरों की पाइपलाइन भी खुदाई में टूट गई है। ऐसे में पानी की समस्या भी हो रही है।
अंकुर पारख, पारस स्टेशनरी हाउस
चार दिन से दुकान के सामने मलबा पड़ा है। एक भी ग्राहक नहीं आ रहा है। गाड़ी तक खड़ी नहीं हो पा रही है। पाइपलाइन डालते समय नल कनेक्शन तोड़ दिए। ऐसा लगता है जैसे दुकान के सामने कब्र बना दी हो। कारोबार ठप पड़ा है।
हुसैन हाशमी, रॉयल सेनिटेशन
तकलीफ झेलते हुए पांच दिन हो गए हैं। हालत यह है कि एक भी ग्राहक पिछले पांच दिन से दुकान पर नहीं आया है। रोजाना पांच हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। कमाई कुछ है नहीं और खर्च वैसा ही है। कम से कम लेवलिंग तो कर देनी थी। यह इलाका व्यवसायिक और आवासीय है। लोगों के नल कनेक्शन तोड़ दिए हैं। निजी प्लंबर बुलवाकर कनेक्शन जुड़वाना पड़ रहा है।
जय भाटिया, जय इंटरप्राइजेस
और जिम्मेदार का फोन ही बंद
हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट के प्रभारी पीएचई इंजीनियर शिवम दुबे से इस संबंध में बात करने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद रहा।









