मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल-विदिशा फोरलेन को मंजूरी, 44.83 किमी मार्ग होगा 4-लेन, तीन बायपास बनेंगे
अक्षरविश्व न्यूज भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की लागत 1757 करोड़ 55 लाख रुपए होगी। इसके तहत मौजूदा 44.83 किलोमीटर लंबे दो-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ चार-लेन में विकसित किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि फोरलेन होने के बाद यह मार्ग भोपाल-कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में काम करेगा। इससे भोपाल, विदिशा, रायसेन और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा। यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है।
भोपाल बायपास से दो साल में 145.87 करोड़ का टोल- कैबिनेट में बताया गया कि भोपाल बायपास फोरलेन बीओटी टोल परियोजना से पिछले दो साल में 145.87 करोड़ रुपए का टोल राजस्व आया है। यहां करीब 77 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष टोल वसूला जा रहा है। इस बायपास पर 2031 तक टोल वसूली जारी रहेगी।
सीहोर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर
सीहोर जिले के भाऊखेड़ी, इछावर में सोयाबीन रिसर्च यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए भू-भाटक भी माफ करने का फैसला किया है। रिसर्च सेंटर के माध्यम से सोयाबीन क्षेत्र में अनुसंधान और उद्योग को बढ़ावा देने की योजना है।
रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार राशि दोगुनी
कैबिनेट ने रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब पुरस्कार के रूप में 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। पहले यह राशि 1 लाख रुपए थी।
देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की न्यायिक जांच
देवास पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना के मामले में न्यायिक जांच आयोग के गठन को कैबिनेट ने अनुसमर्थन दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सांची, उदयगिरि समेत पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
भोपाल-विदिशा मार्ग केवल यातायात के लिहाज से ही नहीं, बल्कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके आसपास सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ और उदयगिरि की गुफाएं सहित कई पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल हैं। मार्ग करीब 24.550 किलोमीटर पर कर्क रेखा से भी गुजरता है, जिससे इसका भौगोलिक महत्व बढ़ जाता है।
फोरलेन बनने से भोपाल से विदिशा और सांची तक यात्रा अधिक सुगम होगी। इससे पर्यटन, होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रायसेन, सांची और विदिशा को बायपास करते हुए बनाए जा रहे नए फोरलेन मार्ग से जुड़कर यह परियोजना भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना सहित उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
वनोपज समितियों के जरिए मिलेगा लाभांश- वनोपज से जुड़े काम में लगे लोगों को मजदूरी देने के साथ ही लाभांश का वितरण स्थानीय स्तर पर समितियों के माध्यम से किया जाएगा। इसमें काम करने वाले स्थानीय लोगों को लाभांश का लाभ देने पर चर्चा हुई।
होम स्टे से जुड़े लोगों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण प्रदेश में होम स्टे इकोसिस्टम से जुड़े लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पर्यटन विभाग के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि होम स्टे से जुड़े लोगों की सेवाओं और रोजगार के अवसरों को बेहतर किया जा सके।
पुलिस में 27,534 पदोन्नतियां- कैबिनेट में बताया गया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27,534 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों से नई भर्ती के लिए जगह उपलब्ध होगी।
एमपी में बनेंगे तीन औद्योगिक सुरक्षा बल- प्रदेश में तीन औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत खंडवा से होगी। औद्योगिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन बलों का गठन किया जाएगा।
किसानों को 10 घंटे बिजली देने पर जोर- कैबिनेट में किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। सरकार ने कहा कि किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।









