अक्षरविश्व के आजादी सर्वे में आए रोचक कमेंट्स

यूथ चाहता हैं टेंशन, लोन-ईएमआई, ट्रैफिक जाम और महंगाई से आजादी
उज्जैन। हमारे यूथ खराब शासन व्यवस्था, लोन-ईएमआई, बदहाल ट्रैफिक, रोज लगने वाले जाम, महंगाई और प्रोपेगंडा मीडिया से आजादी चाहते हैं। यह निष्कर्ष है 1.94 लाख फॉलोवर्स वाले अक्षरविश्व के इंस्टाग्राम न्यूज पेज के आजादी सर्वे का। 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर पेज ने आजादी सर्वे में चार विकल्प दिए थे।

यह विकल्प मोबाइल की लत से आजादी, टेंशन से आजादी, आलस से आजादी और वर्कलोड से आजादी के थे। सर्वे में दिए गए विकल्प से हटकर कई मजेदार कमेंट्स भी आए हैं। 51फीसदी टेंशन, 24 फीसदी मोबाइल की लत 14 प्रतिशत आलस्य और 11 फीसदी वर्क लोड से आजादी चाहते हैं।
आइए पढ़ते हैं किसने क्या कहा
आशु नाम के फॉलोवर्स भुक्खड़ दोस्तों से आजादी चाहते हैं।
द उज्जैन नाइटस नेताओं की वीवीआईपी व्यवस्था और आमीन खान और टीना उज्जैन के बदहाल ट्रैफिक से आजादी चाहते हैं।
चंदन प्यार, और डीजे एमआरके नींद से आजादी चाहते हैं।
आरके रियाज लोन-ईएमआई से और आशु खुद से ही आजादी चाहते हैं।
कपिल सिसौदिया दिए गए सभी विकल्पों से तो मुकेश पाटीदार जिंदगी से आजादी चाहते हैं।
सुभाष मारू इस आजादी को ही ठीक नहीं मानते, वह कहते हैं कि अंग्रेजों की गुलामी ही अच्छी है।
बाबा बैरागी घट्टिया तहसील के एसडीएम से आजादी चाहते हैं, क्योंकि वह राममंदिर के पुजारी को जमीन के पैसे नहीं दे रहे हैं।
लकी सोनी महंगाई से आजादी चाहते हैं। वह चाहते हैं पेट्रोल, डीजल और राशन से आजादी मिलनी चाहिए।
जेपी डंडेरवाल, नील बोरकुटे दोहरे रवैये वाले मीडिया से आजादी चाहते हैं।









