शहर में पुलिस निकाल रही चाकूबाजों के जुलूस

कान पकड़कर माफी मांग रहे बदमाश, शहरवासियों में सुरक्षा के भरोसे की कवायद
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पिछले दो माह में शहर में सनसनीखेज 5 हत्याएं, एक दर्जन प्राणघातक हमले और हफ्तावसूली को लेकर चाकूबाजी की वारदातें हुईं। शहर में बिगड़ती जा रही कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली से लोग चिंतित थे। इसी को लेकर पुलिस एक्शन मोड में आई। हत्यारों, चाकूबाजों की गिरफ्तारी के बाद उनका जुलूस निकालना शुरू किया है।
जहां वारदात, वहीं जुलूस
उमेश पिता रमेश टेटवाल निवासी रंजीत हनुमान नाग तलाई महाकाल मंदिर में सफाईकर्मी है और ड्यूटी के बाद ई रिक्शा चलाता है। वह 29 अगस्त की रात 9.30 बजे ई-रिक्शा लेकर महाकाल लोक के पास स्थित शक्तिपथ व धनुष द्वार के बीच से गुजर रहा था तभी रास्ते में खड़े रौनक पिता कैलाश हरित, बाबू उर्फ हर्ष पंवार पिता संतोष, काजू उर्फ अर्पित पिता आशीष फतरोड को हटाने के लिए उसने वाहन का हॉर्न बजाया। इसी बात को लेकर तीनों बदमाशों ने उमेश पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर महाकाल लोक के पास स्थित घटना स्थल पर जुलूस निकाला। पुलिस के डंडों के बीच बदमाश कान पकड़कर राहगीरों से माफी मांगते नजर आए। लोगों ने कार्रवाई की तारीफ की।
जुलूस में डंडे पड़ते ही रोने लगे बदमाश
हैदर पिता मासूम अली निवासी मोहन नगर के घर के बाहर रविवार को आदिख पिता अनवर खान, दिशान पिता अनीस दोनों निवासी गांधी नगर के साथ सिगरेट पी रहा था। हैदर ने बताया कि युवकों को सिगरेट पीने से मना किया तो उन्होंने चाकू से हमला कर दिया। चिमनगंज थाना पुलिस ने मामले में बदमाशों को गिरफ्तार किया और मौका मुआयना कराने मोहन नगर ले गई। कान पकड़कर लोगों से माफी मांगते चल रहे बदमाशों की जब सरेराह डंडों से पिटाई हुई तो रोने लगे।
पकड़ाए आरोपियों को पुलिस आज कोर्ट में पेश करेगी। नीलगंगा थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों की हत्या के बाद से शहर में शुरू हुआ हत्या, हत्या के प्रयास, चाकूबाजी की वारदातों का सिलसिला तीन दिन पहले ट्रैक्टर शोरूम संचालक यश मित्तल की हत्या तक पहुंचा। इस बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में प्राणघातक हमले, चाकूबाजी, हफ्तावसूली के मामले भी दर्ज हुए। शहर में बढ़ते अपराध के मद्देनजर पुलिस द्वारा अब चैकिंग अभियान के साथ ही गिरफ्त में आने वाले बदमाशों का जुलूस निकालना शुरू किया गया है।









