समन्वय पैनल के 12 में से 11 उम्मीदवार जीते

एक पर निर्दलीय, अब 5 को चुने जाएंगे अध्यक्ष और दो उपाध्यक्ष
विक्रमादित्य नागरिक सहकारी बैंक के डायरेक्टर चुनाव की कशमकश रात 2 बजे तक चली
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर की प्रतिष्ठित बैंकों में से एक विक्रमादित्य नागरिक सहकारी बैंक के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में समन्वय पैनल ने भारी जीत दर्ज की है। पैनल के 12 में से 11 उम्मीदवार जीते हैं। एक पद निर्दलीय के खाते में गया है। विरोध में अधूरे मंसूबे के साथ उतरी विक्रमादित्य पैनल का एक भी उम्मीदवार अंतिम 12 में जगह नहीं बना सका।
सबसे बड़ी जीत राकेश कुमार वनवट ने हासिल की है। सामान्य वर्ग में उन्होंने 1646 मत हासिल किए। पैनल के एकमात्र प्रत्याशी राजेश पलोड़ को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें 996 मत हासिल हुए। विक्रमादित्य पैनल का एक भी उम्मीदवार डायरेक्टर नहीं बन सका। सभी छह के छह प्रत्याशी जरूरी मत पाने में विफल रहे। दो निर्दलीय में से रविप्रकाश बंसल की किस्मत तेज रही। अपने व्यवहार और वैश्य वोटरों की बदौलत उन्होंने 1039 मत हासिल किए। अब 5 सितंबर को अध्यक्ष और 2 उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे।
अरविंदनगर स्थित महाकाल परिसर में विक्रमादित्य नागरिक सहकारी बैंक के 12 डायरेक्टर पदों के लिए मतदान रविवार शाम 5 बजे पूरा हो गया था। इसके बाद काउंटिंग का दौर शुरू हुआ, जो रात करीब 2 बजे तक चला। पहला परिणाम एससी पुरुष और महिला सीट से आए। यह तीनों ही पद समन्वय पैनल ने भारी अंतर से जीते। फिर इसके बाद सामान्य सीटों के रिजल्ट आना शुरू हुए। पूरा रिजल्ट आने में रात करीब 2 बज गए।
5 को अध्यक्ष व 2 उपाध्यक्ष का चुनाव 5 सितंबर को
निर्वाचन अधिकारी संजय कौशल ने बताया कि 5 सितंबर को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। फिलहाल अध्यक्ष पद के लिए दो नामों की चर्चा हैं। पहले नंबर पर राकेश कुमार वनवट और दूसरे नंबर पर रामविलास गुप्ता हैं। दोनों दूसरी बार डायरेक्टर बने हैं। दोनों का व्यापारिक जगत में काफी सम्मान हैं। वनवट युवा हैं तो गुप्ता सीनियर। वनवट की जीत भी काफी बड़ी है। ऐसे में उनका दावा मजबूत दिखाई दे रहा है। इसी तरह उपाध्यक्ष पद पर रिकिता मनीष चौधरी को महिला के तौर पर मौका दिया जा सकता है।
1. रविप्रकाश बंसल निर्दलीय मैदान में उतरे थे।
2. विक्रमादित्य पैनल ने छह उम्मीदवार उतारे थे। इनमें मोहन काला (932), विजय कोठारी(899), अश्विन मेहता(949), अशोक गांधी(354), चंद्रमोहन रावत (764), पूनम टेकवानी(959) शामिल थे।
3440 वोटर, 2330 वोट गिरे
बैंक के सदस्यों की संख्या 4351 हैं, पर इनमें से सिर्फ 3440 ही वोट डालने के पात्र थे। इनमें से भी 2330 ने हही मताधिकार का उपयोग किया। चुनाव अधिकारी ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया है।
6 का दूसरा टर्म, 6 पहली बार चुने गए
12 डायरेक्टर में से 6 दोबारा चुने गए हैं। इनमें रामविलास गुप्ता, राकेश वनवट, नरेंद्र कुमार सोगानी, आलोक अग्रवाल, मनोज बोहरा, रिकिता मनीष चौधरी हैं। छह का यह पहला टर्म रहेगा। यह अगले पांच साल तक पद पर रहेंगे। इनका काम बैंक का प्रबंधन स्मार्ट तरीके से करना रहेगा। हालांकि दो प्रोफेशनल डायरेक्टर अलग से मनोनीत होंगे।
सामान्य वर्ग और ऑलओवर सबसे बड़ी जीत राकेश वनवट (1646) और महिला वर्ग में रिकिता मनीष चौधरी (1631) की रही।
राकेश वनवट
| क्रमांक | नाम | वोट |
|---|---|---|
| 1 | राकेश कुमार वनवट | 1646 |
| 2 | मनीष जैन (पिपाड़ा) | 1613 |
| 3 | आनंद कुमार माहेश्वरी | 1545 |
| 4 | नरेंद्र कुमार सोगानी | 1471 |
| 5 | मनोजकुमार बोहरा | 1243 |
| 6 | आलोक कुमार अग्रवाल | 1163 |
| 7 | शरद कुमार कोठारी | 1147 |
| 8 | रामविलास गुप्ता | 1133 |
| 9 | रविप्रकाश बंसल | 1039 |
| 10 | रिकिता मनीष चौधरी | 1631 |
| 11 | बिंदू गर्ग | 1349 |
| 12 | संतोष बड़वाया | 1380 |









