भादौ के चौथे दिन बदला मौसम, झमाझम बरसात

बारिश की लंबी खेंच से सोयाबीन में नुकसानी, फसल पडऩे लगी पीली, किसान परेशान
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन।उज्जैन। आखिरकार चौथे दिन भादौ (29 अगस्त)का दिल पसीज गया। मंगलवार को जोरदार बरसात हुई, इसने मौसम का रंग बदल दिया। सुबह 8.30 बजे अचानक से उमड़े बादलों ने बरसना शुरू किया और यह क्रम करीब एक घंटे तक जारी रहा। बेहतरीन बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया है। हालांकि लंबी खेंच के कारण खेतों में नमी कम पडऩे से फसलों को नुकसान होना शुरू हो गया है। किसान इससे परेशान हैं।
फिलहाल उज्जैन जिला औसत बारिश से करीब 15.47 इंच दूर है। अभी तक जिले में केवल (20.52 इंच) बारिश ही हुई है। अमूमन जिले में सिंतबर महीने में ज्यादा बारिश की स्थिति नहीं बनती। दिन का तापमान 29 से 31 डिग्री के बीच तथा रात का तापमान 22.5 डिग्री से 23.5 डिग्री के बीच चल रहा है। इस वातावरण में सोयाबीन फसल में सफेद मच्छर और इल्लियों का प्रकोप बढऩे लगा है पत्ते भी पीले पडऩे लगे है। बारिश कम होने से पानी का कम भंडारण होगा और रबी फसल के लिए पानी कम मिलेगा। मौसम विज्ञानियों ने भी सितंबर में ज्यादा बारिश नहीं होने की शंका व्यक्त की है।
दिन में गर्मी और रात में ठंड दोनों बढ़ेगी
मौसम विज्ञानी एचएस पांडेय ने बताया जुलाई और अगस्त में बादल छाए रहते हैं परंतु सितंबर में कमी हो जाती है और अंशत: बादल ही दिखते हैं। हल्की हवा और बढ़ती धूप के कारण मौसम उमस भरा हो जाता है। अगस्त की तुलना में सितंबर माह में दिन की गर्मी और रात की ठंड थोड़ी बढ़ती है। सतही हवाएं पश्चिम/उत्तर पश्चिम से आती हैं। उज्जैन जिले की सितंबर माह में औसत वर्षा १६३.२मिमी (०६.४२ इंच) है तथा माह में वर्षा के औसत दिनों की संख्या 6.8 है। आद्र्रता 84 प्रतिशत से 65 प्रतिशत के बीच रहती है। बारिश गरज चमक के साथ नहीं होती। इस माह का औसत अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री रहता है।
सितंबर में बारिश
सितंबर मास में अब तक सर्वाधिक 1089.2 मिमी (42.87 इंच) वर्षा सन 1961 में दर्ज हुई थी
24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा 27 सितंबर 1961 को 239 मिमी (9.4 इंच) दर्ज हुई थी।
सितंबर महीने में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री 24 सितंबर 2009 को तथा निम्नतम न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री 24 सितंबर 1972 को दर्ज हुआ था।
तब होती है सितंबर में भारी बारिश
पांडेय ने बताया सितंबर माह में भारी वर्षा की स्थिति तब पैदा होती है जब बंगाल की खाड़ी में निर्मित अवदाब या निम्न दाब का क्षेत्र उड़ीसा तट को पार करते हुए पश्चिमी तथा उत्तर पश्चिमी दिखा में बढ़ता हुआ मध्य भाग की ओर अग्रसर होता है। पश्चिमी मध्यप्रदेश पहुंचने पर उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्र में भारी वर्षा होती है।
तब होती है सितंबर में भारी बारिश
पांडेय ने बताया सितंबर माह में भारी वर्षा की स्थिति तब पैदा होती है जब बंगाल की खाड़ी में निर्मित अवदाब या निम्न दाब का क्षेत्र उड़ीसा तट को पार करते हुए पश्चिमी तथा उत्तर पश्चिमी दिखा में बढ़ता हुआ मध्य भाग की ओर अग्रसर होता है। पश्चिमी मध्यप्रदेश पहुंचने पर उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्र में भारी वर्षा होती है।
सफेद मच्छर बढ़े, फली छेदक इल्ली का प्रकोप
ग्राम चिकली के सरपंच वीरेंद्रसिंह आंजना ने बताया बारिश में लेट वैरायटी सोयाबीन के फूल झड़ गए जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। बारिश रुकने के कारण सफेद मच्छर का प्रकोप हो गया है। दो बार कीटनाशक छिड़काव कर दिया परंतु मच्छर मर नहीं रहे। सोयाबीन में फली लगने लगी है। समय पर बारिश नहीं होने के कारण जड़ें सूखी और इसलिए दाना भी कमजोर बन रहा है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हुई तो फसल सुधरने की उम्मीद है।
रोहलकला के किसान ईश्वर पटेल ने बताया उन्हेल और उज्जैन तरफ बारिश हो रही है परंतु नागदा रोहलकला तरफ बारिश कम है। सोयाबीन फसल में फली लगने का समय है। इस वक्त बारिश की जरूरत होती है। इस बार तो इतनी कम बारिश हुई है कि खेत से पानी बाहर ही नहीं निकला। ऊंची जगह के खेतों में फसल मुरझाने लगी है। निचली जगह वाले खेतों में स्थिति ठीक है।
फसलों की स्थिति अच्छी है
उपसंचालक कृषि कमलेश राठौड़ ने बताया खरीफ सीजन में उज्जैन में 96 प्रतिशत रकबे में किसानों ने सोयाबीन की बोवनी की है। इसके अलावा मक्का तथा अन्य फसलों की बोवनी भी हुई है। वर्तमान स्थिति में बारिश को लेकर किसानों को कोई समस्या नहीं है। मंगलवार को भी बारिश हुई है। खंड वर्षा हो रही है। खेतों में पर्याप्त नमी है। अगले एक सप्ताह तक पानी नहीं गिरे तब भी चिंता की कोई बात नहीं है। किसानों को चाहिए कि खेतों में जल भराव न होने दें। आवश्यकता होने पर फफूंद नाशक का छिड़काव करें।
सितंबर के अंतिम सप्ताह तक होने लगती है मानसून की बिदाई: मौसम विभाग के अनुसार जून माह मे स्थापित दक्षिण पश्चिम मानसून सितंबर महीने तक सक्रिय रहता है। धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम होती जाती है तथा माह के अंतिम सप्ताह तक इसकी विदाई होने लगती है। मौसम विभाग ने उज्जैन में सितंबर महीने में कम बारिश बताई है। इसे देखते हुए अब नहीं लगता कि इस बार मौसम में बारिश का आंकड़ा अपने मौसम को पूरा कर पाएगा।









