जन्माष्टमी महोत्सव : इस्कॉन में कल से कार्यक्रम की शुरुआत

अन्य मंदिरों में 4 को धूमधाम से मनेगा उत्सव
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उत्सवों के शहर उज्जैन में जन्माष्टमी पर्व की धूम शुरू हो गई है। जन्माष्टमी महोत्सव दो दिन मनेगा। इस्कॉन में बुधवार से महोत्सव शुरू होगा तो अन्य मंदिरों में 4 को।
दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली होने से उज्जैन में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसकी हलचल पूरे बाजार में दिखती है। चूंकि उज्जैन उत्सव का ही शहर है, ऐसे में यह आयोजन कई दिन तक चलते हैं। इस्कॉन मंदिर में तीन दिन तक उत्सव मनाया जाएगा।
सांदीपनि आश्रम

अंकपात मार्ग स्थित सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनेगी। शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के पंचामृत अभिषेक से होगी। पूजन आरती के बाद भगवान को नए वस्त्र धारण कराए जाएंगे। रात 12 बजे जन्मोत्सव मनेगा।
बड़ा गोपाल मंदिर
बड़ा गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर्व 4 सितंबर को मनेगा। इस दौरान 1100 किलो प्रसादी वितरित की जाएगी। मिल्क केक से साज-सज्जा की जाएगी। शाम को महाभिषेक होगा। रात 12 बजे जन्म आरती होगी। भगवान रात 2 बजे शयन करेंगे।
मित्रवंदा धाम में फलाहारी भंडारा

मित्रविंदा धाम में 4 सितंबर को फलाहारी भंडारा होगा। दिल्ली की रितिका गुप्ता की भजन संध्या होगी। रात 12 बजे भगवान की प्राकटय आरती होगी। भक्तों को मोर पंख प्रसाद के तौर पर वितरित किए जाएंगे।
इस्कॉन के उत्सव में कब क्या
3 सितंबर- श्रीकृष्ण लीला पर प्रवचन। फ्रीगंज के टॉवरचौक पर नगर संकीर्तन। भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में महोत्सव अधिवास और कृष्णलीला पर प्रवचन।
4 सितंबर- सुबह मंगल आरती। दिनभर हरिनाम संकीर्तिन, प्रवचन और दर्शन। शाम को भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक। राम में महाभिषेक। रात 12 बजे जन्ममहाआरती।]
5 सितंबर- नंदोत्सव मनेगा। श्रील प्रभुपाद की 130 वीं अविर्भाव तिथि मनाई जाएगी। प्रवचन, आरती होगी।









