Advertisement

भोपाल में लाठीचार्ज के विरोध में डॉक्टरों का प्रदर्शन

एमवाय अस्पताल की OPD दो घंटे बाद बंद, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

Advertisement

इंदौर। भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को एमवाय अस्पताल में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने सुबह 9 से 11 बजे तक OPD में मरीजों को सेवाएं दीं, इसके बाद OPD सेवाएं बंद कर विरोध शुरू कर दिया। डॉक्टरों के प्रदर्शन के चलते अस्पताल की OPD व्यवस्था प्रभावित हुई।

‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर कार्रवाई गलत’

Advertisement

एमजीएम मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिद्धू ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन भोपाल में उनके खिलाफ वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इसे गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

विक्रम सिंह सिद्धू ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले सभी लोग डॉक्टर थे, कोई असामाजिक तत्व नहीं। डॉक्टरों ने मांग की है कि इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया जाए। साथ ही भोपाल में लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें निलंबित किया जाए।

Advertisement

‘सभी डॉक्टर थे, असामाजिक तत्व नहीं’

डॉक्टरों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा के साथ अपनी जायज मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं था।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

‘देश में सबसे कम 14,337 रुपए स्टाइपेंड’

इंटर्न डॉक्टर रिंकू वर्मा ने बताया कि वर्तमान में उन्हें 14,337 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है। उनका दावा है कि यह देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि कई अन्य राज्यों में मेडिकल शिक्षा की फीस कम होने के बावजूद इंटर्न डॉक्टरों को इससे अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

रिंकू वर्मा ने आरोप लगाया कि भोपाल में प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। उनके मुताबिक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई इंटर्न घायल हुए।

उन्होंने कहा कि डॉक्टर दिन-रात अस्पतालों में ड्यूटी कर मरीजों की सेवा करते हैं। ऐसे में अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।

स्टाइपेंड बढ़ाने और कार्रवाई की मांग

डॉक्टरों ने सरकार से इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी करने और भोपाल में हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें