खड़े हनुमान : दिनभर लगा रहा लोगों का तांता शाम महाआरती में उमड़ा जनसैलाब

हिंदूवादी संगठन के सदस्य दिनभर डेरा डालकर बैठे रहे
महामंडलेश्वर शैलषानंदगिरी ने पढ़ी हनुमान चालीसा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा- छत्री चौक मार्ग चौड़ीकरण में विस्थापित हो रहे खड़े हनुमान अब सोशल मीडिया सेलिब्रिटी बन गए हैं। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रील देखने के बाद बड़ी संख्या में लोग उज्जैन पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर में भीड़ लग गई है। मंगलवार को दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। यहां दिनभर हिंदूवादी संगठन के लोगों बैठे रहे। महामंडलेश्वर शैलषानंद गिरी भी मंदिर पहुंचे और हनुमान चालीसा पाठ किया।
शाम को महाआरती हुई। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
दरअसल, गुरुवार से खड़े हनुमान मंंदिर की प्रतिमा को विस्थापित करने की कोशिश की जा रही है। मंदिर का गुंबद नगरनिगम की टीम ने तोड़ दिया है। अब बाबा केनोपी के नीचे हैं। प्रतिमा का विस्थापन नहीं होने को लोग चमत्कार की दृष्टि से देख रहे हैं और इसके चलते लोगों की भीड़ भी काफी बढ़ गई है।
बड़ा सराफा में हिंदूवादी संगठन की ओर से कमान शैलू यादव, संतोष व्यास, रूपेश ठाकुर, शिवेंद्र तिवारी ने संभाल रखी है। 9 लोगों की समिति यहां काम देख रही है। मंगलवार को प्रयागराज से अमितोष दुबे बाबा के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बाबा की कीर्ति देखी तो रहा नहीं गया। बगैर टिकट ही उज्जैन चला आया। अब यहीं रहेंगे और बाबा की सेवा करेंगे।
भजन करते मंडली के कलाकार और दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुजन की लाइन।
ख ड़े हनुमान मंदिर पर मंगलवार को दिनभर भजन कीर्तन चलते रहे। यहां आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या अधिक थी इसलिए मंदिर के पास बैरिकेडस लगाकर दर्शनार्थियों को दर्शन कराए जा रहे थे। शाम को महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। इधर प्रतिमा विस्थापन में नगरनिगम कोई रिस्क लेना नहीं चाहता है। ऐसे में आईआईटी इंदौर की टीम बुलाई गई है। टीम ने मंगलवार की शाम मंदिर का मुआयना किया और स्थिति देखी।
मंगलवार को मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ काफी अधिक रही और निगम के बड़े अफसरों के शहर से बाहर रहने के के कारण नगर निगम ने कोई कार्रावाई नहीं की। खड़े हनुमानजी की मूर्ति को अभी नई जगह पर स्थापित किया जाएगा या नहीं अभी स्पष्ट नहीं है। सोमवार को महाकाल सवारी निकलने के बाद सती गेट से छतरीचौक तक का रास्ता मंगलवार से खोल दिया गया है। खड़े हनुमान मंदिर के आसपास बैरिकेड़स लगे होने के कारण चार पहिया वाहनों की आवाजाही नहीं है परंतु दो पहिया वाहनों और टू-व्हीलर का आना-जाना लगा हुआ है। कंठाल चौराहे पर भी पेवर ब्लाक लग चुके हैं। यहां संकट मोचन की प्रतिमा स्थापित हो चुकी है।
रात को सुंदरकांड
सराफा के व्यापारी और रहवासी भले ही मंदिर की मूर्ति के विस्थापन की सहमति जता रहे हों परंतु वास्तव में इसके लिए तैयार नहीं है। उधर मंगलवार को दिनभर हिंदू संगठनों के नेता सक्रिय रहे और क्षेत्र के लोगों से चर्चा करते रहे। शाम तक दर्शनार्थियों की भीड़ बढऩे लगी और महाआरती के समय सती गेट से छतरी चौक तक का मार्ग खचाखच भर गया। रात करीब 7:45 बजे शुरू हुई महाआरती करीब एक घंटे तक चली। आरती के बाद भजन चलते रहे और रात को सुंदरकांड पाठ किया गया।
मंदिर के पुजारी की अस्पताल से छुट्टी
विस्थापन के लिए मंदिर का गुंबद तोडऩे के बाद पुजारी महेश बैरागी की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत ठीक होने के बाद मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।








