महिला समेत 6 आरोपियों को 7-7 साल की हुई कैद

इंदर वर्मा हत्याकांड में 7 साल बाद मिला इंसाफ
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। एरोड्रम थाना क्षेत्र के बहुचर्चित इंदर वर्मा हत्याकांड में अदालत ने सात साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में नामजद मुख्य आरोपी महिला समेत सभी 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल के सश्रम कारावास और 8-8 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला आते ही पुलिस ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर सीधे जेल भेज दिया। अदालत ने किसी भी आरोपी को राहत नहीं दी।
वारदात सात साल पहले अंबिकापुरी इलाके में हुई थी। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी संगीता गौड़ और रोहित से इंदर वर्मा की पुरानी रंजिश चल रही थी। रंजिश खत्म करने के नाम पर आरोपियों ने इंदर को बातचीत के लिए अंबिकापुरी बुलाया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों में फिर कहासुनी हो गई। इसके बाद संगीता और रोहित ने अपने साथियों के साथ मिलकर इंदर पर चाकू और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने इंदर के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे अधमरा कर दिया। इसके बाद उसके दोनों हाथ बांधकर रात के अंधेरे में अंबिकापुरी के सुनसान मैदान में फेंककर फरार हो गए, जहां तड़पकर उसकी मौत हो गई। अगली सुबह खून से लथपथ लाश मिलने पर सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की ठोस कडिय़ां जोड़कर कोर्ट में चालान पेश किया था। अदालत ने संगीता गौड़, रोहित, राजेश बौरासी, बबलू मालवीय, अजय भोई और करण को दोषी ठहराते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया।









