Advertisement

सिंहस्थ में साइबर ठगी रोकने के लिए पुलिस की नई रणनीति…

कॉलेजों के 1884 युवा बनेंगे साइबर वॉरियर…

Advertisement

2028 के मेले में श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी से बचाने के साथ जागरूक भी करेंगे

अक्षरविव न्यूज भोपाल। सिंहस्थ-2028 में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढऩे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे डिजिटल सुरक्षा का नेटवर्क तैयार करना शुरू कर दिया है। राज्य साइबर सेल ने इंदौर और उज्जैन के 33 कॉलेजों के 1884 विद्यार्थियों को साइबर वॉरियर के रूप में तैयार करने की योजना बनाई है।

Advertisement

इन युवाओं को साइबर अपराध की पहचान, बचाव और लोगों को जागरूक करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस पहल में इंदौर के 20 कॉलेजों से 1113 विद्यार्थी और उज्जैन के 13 शिक्षण संस्थानों से 771 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। सिंहस्थ के दौरान ये युवा पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को डिजिटल ठगी के संभावित तरीकों के प्रति सतर्क करने में भूमिका निभाएंगे।

सिंहस्थ में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भीड़ और धार्मिक आयोजनों के दौरान फर्जी वेबसाइट, नकली बुकिंग, क्त.क्र. कोड, फर्जी दान अपील, होटल-यात्रा बुकिंग और दूसरे डिजिटल माध्यमों से ठगी का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में पुलिस का फोकस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय लोगों को पहले से सावधान करने पर है। साइबर वॉरियर्स को इसी उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है, ताकि वे मेले के दौरान श्रद्धालुओं को संदिग्ध लिंक, कॉल, मैसेज और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी दे सकें।

Advertisement

2028 से पहले तैयारी का चरण
सिंहस्थ-2028 अभी दूर है, लेकिन साइबर सेल ने डिजिटल सुरक्षा की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। 1884 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया इसी तैयारी का हिस्सा है। आने वाले समय में इस नेटवर्क की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट की जाएंगी। इस पहल से सिंहस्थ की सुरक्षा व्यवस्था में एक नया आयाम जुड़ रहा है—जहां पुलिस के साथ कॉलेजों के युवा भी श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

33 कॉलेजों से युवाओं की भागीदारी
साइबर सुरक्षा अभियान में इंदौर और उज्जैन के कॉलेजों को जोड़ा गया है। इंदौर से 1113 और उज्जैन से 771 विद्यार्थी इस अभियान का हिस्सा होंगे। यानी सिंहस्थ के लिए तैयार किया जा रहा यह नेटवर्क सिर्फ पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कॉलेजों के युवाओं को भी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। राज्य साइबर सेल के एसपी सव्यसाची सराफ के अनुसार, चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि सिंहस्थ के दौरान वे श्रद्धालुओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने में मदद कर सकें। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में लाखों लोगों के बीच प्रत्येक व्यक्ति तक पुलिसकर्मियों की सीधी पहुंच मुश्किल होती है। ऐसे में कॉलेजों के युवाओं को अभियान से जोडऩे का मकसद डिजिटल सुरक्षा का संदेश ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

इन युवाओं को साइबर अपराध के सामान्य तरीकों की जानकारी देने के साथ यह भी बताया जाएगा कि संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर क्या सावधानी बरतनी है और किस तरह संबंधित एजेंसी तक शिकायत पहुंचाई जा सकती है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें