दलित नाबालिग से ज्यादती करने वाले युवक को 20 साल की सजा

उज्जैन। दलित नाबालिग से ज्यादती करने वाले आरोपी युवक को न्यायाधीश कमलेश सनोडिया ने 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। नाबालिग गर्भवती हो गई थी। अभियुक्त को जेल भेज दिया है। अभियोजन की ओर से पैरवी महिदपुर के विशेष लोक अभियोजक कमलसिंह गोयल ने की।
उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खांडेगर ने बताया नाबालिग 2025 के जून महीने में चली गई थी। पिता ने ब्राह्मणखेड़ा महिदपुर निवासी 28 वर्षीय युवक मनोहरलाल उर्फ लालसिंह पिता गोवर्धन पर शंका जाहिर की थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर नाबालिग को ढूंढना शुरू किया। किशोरी मिली तब वह गर्भवती थी। उसके बयान में स्पष्ट हुआ कि आरोपी गुजरात के मोरबी में किसी कंपनी में काम करता था। कंपनी ने रहने के लिए उसे कमरा दिया था।
गांव से पीडि़ता को वह मोरबी ले गया और उसी कमरे में रखा तथा बार-बार ज्यादती की जिससे नाबालिग गर्भवती हो गई। अनुसूचित जाति की पीडि़ता के बयान के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी के प्रकरण में नाबालिग को उसके अभिभावकों की सहमति के बगैर ले जाने और पॉक्सो एक्ट तथा एट्रोसिटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई तथा आरोपी मनोहरलाल उर्फ लालसिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। इसी में सजा सुनाई गई।









