हाउसिंग बोर्ड : घरेलू संपत्ति का कमर्शियल यूज करने वालों को थोड़ी राहत

कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगी लीज संबंधी कार्रवाई
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से घरेलू संपत्ति खरीदकर उसका उपयोग करने वालों को लीज निरस्ती की कार्रवाई से थोड़े समय के लिए राहत मिल गई है। भूमि निर्वतन अधिनियम और मास्टर प्लान का अध्ययन करने के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद निरस्तीकरण संबंधी कार्रवाई की जाएगी। पहले वाले आदेश से उज्जैन में इंदिरानगर, लक्ष्मीनगर, देसाईनगर, विश्व बैंक कॉलोनी और अतिरिक्त विश्व बैंक कॉलोनी के कई लीजधारक प्रभावित हो रहे थे। इनमें से से इंदिरानगर के 7 संपत्तिधारकों की लीज तो निरस्त भी कर दी गई थी।
दरअसल, हाउसिंग बोर्ड और यूडीए से संपत्ति खरीदने में इस बात का ध्यान रखना होता है कि संपत्ति का उपयोग क्या रहेगा। घरेलू संपत्ति का उपयोग घरेलू, कमर्शियल का कमर्शियल और मिकस्ड का मिकस्ड तरीके से किया जा सकता है। लेकिन देखने में यह आ रहा था कि मुख्य मार्ग पर रहने वाले लोग घरेलू संपत्ति का कमर्शियल उपयोग कर रहे थे। इसमें इंदिरानगर, ढांचा भवन, विश्व बैंक कॉलोनी के कई लीजधारक शामिल थे। इन सभी को लीज निरस्तीकरण के नोटिस दिए गए थे। फिलहाल हाउसिंग बोर्ड ने अपनी कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया है।
अब क्या होगा
विभागीय कमश्निर गौतम सिंह ने कमेटी बनाई है। यह समिति अपनी योजनाओं में भूमि निर्वतन अधिनियम और मास्टर प्लान की समीक्षा करेगी। वह यह देखेगी कि मास्टर प्लान या भूमि निर्वतन अधिनियम में संबंधित कॉलोनी या सड़क का उपयोग कमर्शियल दर्शाया है या नहीं। अगर उपयोग कमर्शियल है तो इन लीजधारकों को राहत मिलेगी, अन्यथा लीज निरस्ती की कार्रवाई होगी।
कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद होगा फैसला
विभागीय स्तर पर कमेटी गठित की गई है। यह भूमि निर्वतन अधिनियम और मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुसार अपनी योजनाओं की संपत्तियों का अध्ययन करेगी। इस अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोशिश होगी कि रिपोर्ट जल्दी से जल्दी आ जाए।
ओम जैन, अध्यक्ष, मप्र हाउसिंग बोर्ड









