Popup Image
Advertisement

गरीबों-वंचितों और शहर की ‘भाभी’ नहीं रहीं

वरिष्ठ पार्षद एवं कांग्रेस नेत्री माया राजेश त्रिवेदी का आकास्मिक निधन, अंतिम यात्रा में उमड़े लोग

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के गरीबों-वंचितों की भाभी कांग्रेस नेत्री और वार्ड 22 की वरिष्ठ पार्षद माया राजेश त्रिवेदी का 58 साल की उम्र में मंगलवार रात निधन हो गया। रात्रि भोजन के बाद वे विश्राम कर रही थीं कि अचानक छाती में दर्द उठा, परिजन उन्हें अवंति अस्पताल ले गए,पर तब तक जान जा चुकी थी। चक्रतीर्थ पर बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। सीएम डॉ. मोहन यादव भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

उन्होंने राजनीति पारी की शुरुआत महाराजवाड़ा-कार्तिक चौक ब्लॉक अध्यक्ष से की थी। तीसरी बार वे कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुनी गईं थीं। उन्होंने दो बार विधानसभा चुनाव में भी हाथ आजमाया। 2018 में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती के खिलाफ वह उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से बागी उम्मीदवार के तौर पर उतरीं तो 2023 में इसी सीट से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर, दोनों बार उन्हें हार मिली। 2018 में पारस जैन और 2023 में अनिल जैन कालूहेड़ा ने उन्हें हराया।

Advertisement

कांग्रेस की राजनीति में बटुकशंकर जोशी के खेमे से आने वाली माया त्रिवेदी ब्राह्मण समाज की भी मजबूत नेत्री रहीं। पति राजेश त्रिवेदी के साथ वह कंधे से कंधा मिलाकर हर मोर्चा फतह करती रहीं। उनकी एक और खूबी गरीबों की मदद करने की थी। वंचितों के बच्चों की शादी, पढ़ाई का खर्च वह चुपचाप उठाती थीं। बेबाक और खरा-खरा बोलना उनकी आदत में शुमार था। निगम परिषद में वह बड़े ही प्रभावी तरीके से अपनी बात रखती थीं। उनकी डिबेट का मुरीद विपक्ष भी था। वे अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके परिवार में पति, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। सभी बच्चों का विवाह हो चुका है।

कांग्रेस हो या भाजपा हर राजनेता ने जताया दु:ख

Advertisement

दो दिन पहले ही साथ थीं
दो दिन पहले ही साथ थीं। एक रिटायरमेंट पार्टी में साथ भोजन किया था। तब उन्होंने सुबह सैर करने की सलाह दी थी। वह छोटी बहन की तरह थीं। उनकी डिबेट बहुत ही तर्कशील होती थी। वह शहर से जुड़े मुद्दों को बहुत ही प्रभावी तरीके से रखती थीं।
योगेश्वरी राठौर, एमआईसी मेंबर

कांग्रेस ने एक दमदार नेत्री खो दी
ब्लॉक अध्यक्ष से राजनीति की शुरुआत करने वाली माया भाभी की गिनती प्रदेश स्तर के नेताओं में होती थी। स्थानीय कांग्रेस ने अपनी एक दमदार नेत्री खो दिया है। उन्हें सादर नमन।
रवि राय,
नेता प्रतिपक्ष, नगरनिगम

पार्टी नहीं समाज का भी बड़ा नुकसान
माया भाभी के रूप में पार्टी ने ही नहीं शहर ने भी हीरा खोया है। वह वंचितों-शोषितों की आवाज और मददगार थीं। गरिमामय तरीके से अपनी बात रखने की उनकी शैली लाजवाब थी।
मुकेश भाटी,
शहर कांग्रेस अध्यक्ष

बहुत ही शालीन नेत्री थीं
माया भाभी बहुत ही शालीन नेत्री थीं। वह शहर और जनहित के मुद्दों को बड़ी ही शालीनता व स्त्रीत्व भाव से उठाती थीं। उनकी बहस में शोर, गुस्सा, नाराजगी नहीं होती थी। उनकी विचारधारा भले ही अलग थी लेकिन मनभेद कभी नहीं रहा। वह शहर का प्रभावशाली चेहरा थीं।
सोनू गेहलोत, पूर्व नगरनिगम अध्यक्ष

समाज की बड़ी क्षति
माया भाभी का जाना ब्राह्मण समाज की बड़ी क्षति है। राजनीति के साथ वे समाजसेवा में भी बेहद सक्रिय थीं। वह उज्जैन के लिए लड़ती थीं, उज्जैन की आवाज थीं।
सुरेंद्र चतुर्वेदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अभा ब्राह्मण समाज

बहुत ही मिलनसार-जुझारू थीं
माया भाभी मिलनसार और जुझारू महिला थीं। वह ताउम्र गरीबों, शोषित और वंचितों के लिए लड़ती रहीं। निगम परिषद में उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली तरीके से शहर और जनहित के मुद्दों को उठाया।
विवेक यादव, कांग्रेस नेता

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें