गोवा जाने की धुन, स्कूल से भाग निकले तीन किशोर

मक्सी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उतारा, घरवालों के सुपुर्द किया
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवास रोड स्थित ज्ञानसागर स्कूल के तीन किशोरों ने गोवा जाने का प्लान बनाया। घर से वे स्कूल पहुंचे। क्लास में अपने बैग रखें, फिर स्कूल गॉर्ड को झांसा देकर बाहर निकल गए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से तीनों रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन में सवार भी हो गए। तब तीनों स्कूल में नहीं दिखें तो खोज शुरू हुई, मामला तत्काल पुलिस तक पहुंचा। फिर क्या था पुलिस सक्रिय हुई और रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक खोजबीन शुरू हुई। तीनों के ट्रेन में बैठने के सीसीटीवी फुटेज मिले तो मक्सी रेलवे स्टेशन पर इनको ट्रेन से उतारा गया। फिर वहां से लाकर घरवालों के सुपुर्द किया गया।
दरअसल, यह खबर बिल्कुल फिल्मी कहानी की तरह है। एक ही क्लास में पढऩे वाले यह बच्चे 13 से 14 साल की उम्र के हैं। तीनों कक्षा आठवीं में पढ़ते हैं। मोबाइल पर रील देखते हुए इन्हें गोवा की दुनिया हसीन लगी। ऐसे में तीनों ने यहां जाने का प्लान बनाया। चूंकि इस यात्रा में सबसे बड़ी परेशानी घरवाले थे तो इन्होंने घरवालों से बचने के लिए स्कूल जाना तय किया।
यह यहां पहुंचे भी और क्लास भी अटैंड की, फिर बीच में स्कूल से निकलकर बाहर आए और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पकड़कर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। इन्हें यह पता था कि गोवा की ट्रेन भोपाल से मिलती है तो तीनों ने भोपाल जाने के लिए मालवा एक्सप्रेस पकड़ ली। स्मार्ट सिटी के कैमरों में तीनों के फुटेज कैद हो गए। यही पुलिस के लिए सुराग बन गए। चूंकि तीनों यूनिफार्म से थे। ऐसे में मक्सी पुलिस को ट्रेन को रोकने और इन्हें उतारने का मैसेज दिया गया। मक्सी रेलवे स्टेशन पर तीनों को उतारकर जीआरपी थाने लाया गया। तब तक उज्जैन की नागझिरी पुलिस भी पहुंच गई थी। इन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
मां छोटी बेटी को छोडऩे डांस क्लास गई, बड़ी ने ट्रॉली बैग लेकर घर छोड़ दिया
उज्जैन। घर छोडऩे का एक और मसला नागझिरी थाने के प्रीतिनगर से भी आया है। यहां एक महिला अपनी छोटी बेटी को डांस क्लास छोडऩे गई, इतने में १५ साल की बड़ी बेटी ट्रॉली बैग में सामान लेकर घर छोड़कर चल दी। महिला को जब बड़ी बेटी घर पर नहीं मिली तो उसने तत्काल थाने पर सूचना दी। पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाई और खोजबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में वह आगर रोड पर जाती दिखी, तत्काल पुलिस दल रवाना हुआ और किशोरी को रोक लिया। उसे समझा-बुझाकर घर लाया गया। फिलहाल यह पता नहीं चला है कि किशोरी ने घर क्यों छोड़ दिया है।









