आगर रोड की बसें अब कहां से चलेंगी? आगरनाका में खाली जमीन का निरीक्षण

नया संकट: देवास स्टैंड की शिफ्टिंग से नानाखेड़ा पर बसों की भीड़, सड़क और कॉलोनियों में हो रही बस पार्क
बस ऑपरेटर का ईंधन खर्च बढ़ा और यात्री का सफर टाइम
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवासगेट स्टैंड की नानाखेड़ा में हुई शिफ्टिंग ने यहां के रहवासियों और बस ऑपरेटर के लिए एक नई मुसीबत पैदा कर दी है। बसों की तादाद बढऩे के कारण नानाखेड़ा स्टैंड के भीतर जगह नहीं है और बसें सड़क और कॉलोनियों के भीतर पार्क हो रही हैं। दूसरी ओर आगर रोड, तराना रोड, महिदपुर रोड, नागदा रोड की तरफ बस संचालित करने वाले ऑपरेटर का ईंधन खर्च बढ़ गया है। बसों की टाइमिंग भी गड़बड़ा गई है।
नानाखेड़ा से बस पकडऩे के कारण यात्रियों के सफर का टाइम भी बढ़ गया है। ऐसे में एक बार फिर देवासगेट की बसों को आगर रोड की तरफ से ही चलाने की मांग उठने लगी है। बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन भी आगर नाका की तरफ बसें शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए जमीन देख ली गई है। समतलीकरण और बुनियादी सुविधा जुटाने के बाद यहां स्टैंड शिफ्ट किया जा सकता है।
एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए चार दिन पहले (12 अक्टूबर) ही देवासगेट स्टैंड की बसों को नानाखेड़ा पर शिफ्ट किया गया था। ताबड़तोड़ शिफ्ट हुए बस स्टैंड के साइड इफेक्ट अब सामने आ रहे हैं। नानाखेड़ा से पहले इंदौर, देवास रोड की करीब 150 बसें संचालित होती थीं, अब इतनी ही बसें आगर रोड, तराना रोड, उन्हेल-नागदा रोड, बडऩगर रोड, आगर, सोयत, सुसनेर, शाजापुर,शुजालपुर, महिदपुर की स्टैंड पर आ गई हैं।
क्या समस्या आ रही है
पार्किंग – नानाखेड़ा स्टैंड की क्षमता २०० बसों की है। अब स्टैंड पर ३०० बसें हैं। ऐसे में बसें सड़क पर या कॉलोनियों के भीतर खड़ी हो रही हैं।
टाइमिंग बिगड़ी- आगर, तराना, मक्सी,महिदपुर, उन्हेल, नागदा, जावरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, बडऩगर की ओर जाने वाली बसों का देवासगेट से चलने का समय अलग-अलग था। समय के हिसाब से ही परमिट दिए गए थे। अब नानाखेड़ा से आने-जाने में यह टाइमिंग गड़बड़ा गई है। इससे ऑपरेटरों के बीच उलझन पैदा हो रही है।
यात्री के सफर का समय बढ़ा नानाखेड़ा से बसें चलने के कारण ऊपर बताए गए शहरों के लिए यात्रा करने वालों का समय बढ़ गया है। उनकी यात्रा में एक घंटे तक का इजाफा हो गया है।
ऑपरेटर का ईंधन खर्च बढ़ा नानाखेड़ा तक आने और जाने में बडऩगर, नागदा रोड की बसों को छोड़कर अन्य शहरों तक संचालित होने वाली बसों में करीब 8 लीटर तक ईंधन अब अतिरिक्त लग रहा है। बस ऑपरेटर इस नए खर्च के बढऩे से परेशान हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
आगरनाके के पास जमीन देखी है, समतलीकरण के बाद यह शिफ्टिंग की जा सकती है। आगर रोड, मक्सी रोड और उन्हेल रोड की तरफ की बसों को आगर नाका के पास से चलाने पर विचार चल रहा है। नाके से सटे अंकपात मार्ग पर सरकारी जमीन उपलब्ध है। इसका समतलीकरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा यहां शिफ्टिंग की जा सकती है। दशहरे के बाद यह काम हो सकता है। संभागायुक्त भी इस जगह पर बसें ले जाने पर सहमत हैं। नगर निगम को काम सौंपा जा सकता है।
संतोष मालवीय आरटीओ, उज्जैन
आगर रोड पर बसों के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाने के निर्देश अभी नहीं मिले हैं। जैसे ही मिलेंगे, काम शुरू कर दिया जाएगा। हमारी टीम टास्क के लिए तैयार है। कोई समस्या नहीं आएगी। बस जगह एक बार फाइनल कर दी जाए।
अभिलाष मिश्रा निगमायुक्त
क्या कहते हैं ऑपरेटर
नानाखेड़ा बस स्टैंड देवास, इंदौर, भोपाल, बड़वाह, खरगोन, धार की बसों के लिए एकदम उपयुक्त है। मगर आगर, शाजापुर, उन्हेल, जावरा, मंदसौर, नीमच, तराना की बसों को आगर रोड ज्यादा शूट करता है। इन शहरों की बसें अब आगररोड, बायपास, मक्सी रोड, नागझिरी होते हुए नानाखेड़ा तरफ जा रही हैं। बसों के आने-जाने में अधिक समय लगा रहा है, दूरी भी ज्यादा तय करनी पड़ रही है, इससे ईंधन खर्च बढ़ रहा है। प्रशासन को आगररोड से ही बस चलाने का सुझाव दिया था। अगर अमल करते हैं तो यह यात्रियों और ऑपरेटर दोनों के लिए एकदम ठीक रहेगा। आजाद यादव, पूर्व निगम अध्यक्ष एवं कोऑनर बीके यादव बस सर्विस
देवासगेट की बसों को नानाखेड़ा ले जाना यात्रियों को सुविधा की जगह असुविधा दे रहा है। इस स्टैंड पर आने वाली बसों के यात्री आसपास के कस्बे और छोटे शहरों के होते हैं। अधिकतर अपने काम के सिलसिले में उज्जैन के पुराने शहर में आते हैं। अब इन्हें बस लेने के लिए नानाखेड़ा आना पड़ा रहा है। इससे उन पर किराये का भार भी बढ़ रहा है। नानाखेड़ा से बसें चलाने से उन्हेल, आगर रोड, मक्सी, तराना, जावरा, मंदसौर, नीमच, आगर, शाजापुर, मक्सी रोड पर बस चलाने वाले ऑपरेटर का ईंधन खर्च बढ़ रहा है। बसों की टाइमिंग भी गड़बड़ा रही है। उलझन की स्थिति है।
अशोक भाटी, ऑनर भाटी बस सर्विस









