शाही मस्जिद विवाद जेल में बंद पत्थरबाज को नहीं मिली जमानत

उज्जैन। शाही मस्जिद हटाने के मामले में प्रदर्शन करने के दौरान पत्थरबाजी करने वाले आरोपी का जमानत आवेदन सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया। जेल में बंद आरोपी शाकिर उर्फ बंटी की पैरवी के लिए इंदौर से आए अभिभाषक ने सेशन कोर्ट में तर्क और पुराने प्रकरणों का हवाला देते हुए करीब एक घंटे तक अंग्रेजी में बहस की। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक रवींद्रसिंह कुशवाह और एडीपीओ कुलदीप सिंह भदौरिया ने मजबूत तर्क दिए जिससे सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश विकास चौहान ने जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
उप संचालक अभियोजन राजेंद्रकुमार खांडेगर ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद का हिस्सा हटाए जाते वक्त समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ आरोपियों ने पत्थरबाजी की थी। 27 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे हुए वाक्ये में पुलिसकर्मी और आम लोग घायल हुए थे।
आरक्षक राहुल बलेपुरिया की रिपोर्ट पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, लोकसेवक का आदेश नहीं मानने, ड्यूटी के दौरान लोकसेवक पर हमला, शासकीय कर्मचारी को काम से रोकने और डराने के लिए चोट पहुंचाने सहित एकता के लिए हानिकारक तत्व की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।
वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच के बाद पत्थरबाजों के रूप में उज्जैन के बिलाल निवासी रामप्रसाद भार्गव मार्ग, लालू हैला निवासी हैलावाड़ी, सलीम निवासी केडीएस होटल, नदीम निवासी मोचीवाड़ा, तौफीक खान निवासी ग्यास का बाड़ा, शाकिर उर्फ बंटी निवासी कांच का घोड़ा के सामने भागसीपुरा आदि आरोपी हैं।









