शाह बोले-कांग्रेस 30 साल तक सत्ता में नहीं आएगी, प्रदर्शन और धरने से कुछ नहीं होगा

नईदिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और धरने से कुछ हासिल नहीं होता। चुनाव जीतना है तो जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझनी होंगी और कल्याणकारी योजनाओं पर काम करना होगा।
उन्होंने कहा, विपक्ष राजनीतिक चालबाजी और भीड़ के दम पर जनता के जनादेश को चुनौती नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नकारात्मक राजनीति के कारण अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आ पाएगी। शाह दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड की 8,941 करोड़ रुपए की 33 परियोजनाओं की शुरुआत की।
गृहमंत्री ने वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस- आप को घेरा
शाह ने कहा कि अगर चुनाव जीतना है तो जनता के बीच जाइए और उनकी समस्याएं समझिए। ये प्रदर्शन और धरने कुछ हासिल नहीं करेंगे। जहां आपकी सरकार है, वहां जनता के कल्याण के लिए योजनाएं लागू कीजिए, नहीं तो बाकी जगहों से भी आपका सफाया हो जाएगा। भाजपा की जीत के बाद चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाते हैं। दरअसल विपक्ष वोट चोरी का मुद्दा उठाकर अपनी हार का बहाना बना रहा है। जब विपक्ष चुनाव हारता है तो चुनाव आयोग की आलोचना करता है, जबकि अदालतों के फैसले अपने पक्ष में आने पर उन्हें सही बताता है।
शाह ने केरल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में विपक्षी दलों की जीत का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी वही ईवीएम और चुनाव आयोग थे। जब मैं कहता हूं कि भाजपा 30 साल तक सत्ता में रहेगी, तो वे फिर वोट चोरी के आरोप लगाने लगते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि मैं यहीं पैदा हुआ, यहीं रहता हूं और यहीं मरूंगा। मुझे हर छह महीने में विदेश जाने की जरूरत नहीं है। मैं कह रहा हूं कि आपकी नकारात्मक राजनीति के कारण आप 30 साल तक सरकार नहीं बना पाएंगे। मुझे पता है कि आप मुझे सुन नहीं सकते, आप विदेश में कहीं बैठे हैं। आप यह भी नहीं बताते कि क्यों, लेकिन कोई बात नहीं, यह आपका निजी जीवन है… लेकिन एक बार जब आप दिल्ली पहुंच जाएं, तो मेरी बात सुनिए। अगले तीस वर्षों तक आपकी बारी नहीं आएगी।
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की 6 बैठकें-प्रदर्शन
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 बार प्रदर्शन किए। कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट ने भी 10 अक्टूबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई थी, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।









