एलिवेटेड कॉरिडोर: फोरलेन और टू लेन ब्रिज की डिजाइन फाइनल होने की ओर

फोरलेन एलिवेटेड पर चामुंडा माता और गाड़ी अड्डा चौराहा पर ही मिलेंगे बीच में एंट्री एवं एग्जिट पाइंट
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। शहर के पहले एलिवेटेड कॉरिडोर की डिजाइन फाइनल होने की तरफ बढ़ चली है। चार दिशाओं में बन रहे कॉरिडोर में नीलगंगा- मकोडिय़ा आम की तरफ बनने वाले फोरलेन ब्रिज पर बीच में सिर्फ दो जगह (चामुंडा माता और गाड़ी अड्डा चौराहा) एंट्री-एग्जिट की सुविधा होगी। इंदौरगेट- निकास चौराहा का ब्रिज पूरा सीधा होगा। यह निकास के बजाय गोवर्धन सागर के करीब उतरेगा।
पहले एलिवेटेड कॉरिडोर की डिजाइन को लेकर शहरवासियों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे यह कहां से शुरू होगा, कहां खत्म होगा, कहां एंट्री-एग्जिट पाइंट होंगे। अक्षरविश्व ने ब्रिज का काम देख रहे इंजीनियर प्रफुल्ल जैन से कॉरिडोर को समझने की कोशिश की।
फोरलेन एलिवेटेड
पहला एलिवेटेड नीलगंगा से मकोडिय़ा आम (रेलवे ट्रेनिंग सेंटर के सामने) तक बनेगा। यह ३.४० किलोमीटर लंबा होगा। इस पर दो जगह से बीच में चढ़ा-उतरा जा सकेगा। पहला चामुंडा माता, दूसरा गाड़ी अड्डा चौराहा। यह ब्रिज नीलगंगा तरफ और हरिफाटक ओवरब्रिज की तरफ उतार लेगा। इन दोनों जगह से चढऩे की सुविधा भी रहेगी। महाकाल तरफ से बेगमपुरा के पास से ब्रिज पर चढ़ा और उतरा जा सकेगा। जबकि नीलगंगा तरफ छुमछुम बाबा की दरगाह की तरफ उतार-चढ़ाव होंगे। इंदौरगेट पर जंक्शन होगा। जहां गोवर्धनसागर से आने वाला टू लेन एलिवेटेड ब्रिज मिलेगा।
चामुंडा माता और गाड़ी अड्डा चौराहे पर एंट्री-एग्जिट पाइंट फोरलेन ब्रिज पर चामुंडा माता और गाड़ी अड्डा चौराहा पर एंट्री-एग्जिट पाइंट होंगे। यानी यहां से चढऩे और उतरने दोनों की सुविधा होगी।
रेलवे ट्रेनिंग सेंटर के सामने उतार- यह ब्रिज इंदिरानगर चौराहे से आगे रेलवे ट्रेनिंग सेंटर के सामने उतरेगा। यहां भी एंट्री-एग्जिट पाइंट दोनों होंगे।
टू लेन एलिवेटेड
दूसरा एलिवेटेड टू-लेन होगा। यह इंदौरगेट से गोवर्धन सागर तक जाएगा। करीब १.९० किलोमीटर लंबे इस ब्रिज में बीच में कोई भी एंट्री-एग्जिट पाइंट नहीं होंगे। यह चेरिटेबल अस्पताल के गेट से थोड़ा आगे उतरेगा।
८ मीटर होगी ऊंचाई: ९४० करोड़ रुपए से बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर की ऊंचाई ८ मीटर (२९.६ फीट) होगी।
४८२ पाइल होंगी, अब तक ८० – दोनों एलिवेटेड ब्रिज के पिलर के लिए ४८२ पाइल की जाएंगी। इनमें से ८० हो चुकी हैं। उदयपुर बेस्ड रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी यह काम कर रही है। कॉरिडोर प्रीकॉस्ट तकनीक से बनेगा। यानी इसकी स्लैप आदि पहले तैयार होंगी, इन्हें मशीनों की मदद से कॉरिडोर के पिलर पर रखा जाएगा।
ब्रिज के लिए भी नोटिस जारी
इंदौर गेट से टू-लेन ब्रिज : भवन मालिकों को 29 अक्टूबर को बुलाया
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शहर में सडक़ चौड़ीकरण के साथ एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढऩे लगी है। इंदौर गेट से निकास चौराहे तक प्रस्तावित टू-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए नगर निगम ने प्रभावित होने वाले भवनों के मामले में संबंधित मकान मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। निगम ने प्रभावित पक्षों को भूमि और भवन से जुड़े दस्तावेजों के साथ 29 अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया है।
नगर निगम के भवन अधिकारी, जोन क्रमांक-3 की ओर से जारी सूचना पत्र में बताया गया है कि सिंहस्थ-2028 की कार्ययोजना के तहत नगर चौराहे से इंदौर गेट तक प्रस्तावित फोरलेन सडक़ तथा इंदौर गेट से निकास चौराहे तक टू लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है।
नोटिस में भवन मालिकों को 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक नगर निगम मुख्यालय में उपस्थित रहने को कहा है। सुनवाई कक्ष क्रमांक-324 के सामने स्थित कॉन्ट्रैक्टर हॉल, प्रथम तल, छत्रपति शिवाजी भवन, आगर रोड पर होगी।
प्रभावित पक्षों को भूमि और भवन से संबंधित सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने अथवा लिखित जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 और मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों के तहत एकपक्षीय निर्णय लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।









