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व्हाट्सएप पर एएसआई का फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजकर 10.60 लाख ठगने का आरोप

परीक्षा में कम अंक आने पर दंपती ने नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया

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अक्षरविश्व न्यूज देवास। पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 10.60 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिचित महिला ने अपने पति के साथ मिलकर पहले पुलिस भर्ती परीक्षा में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया, फिर मंदसौर जिले में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पद का कथित जॉइनिंग लेटर व्हाट्सएप पर भेज दिया।

इस पर विश्वास कर पीडि़ता और उसके परिवार ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर रकम दी। करीब तीन महीने तक भोपाल में वेरिफिकेशन कराने का आश्वासन मिलता रहा। नौकरी नहीं लगी तो रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपित किराए का मकान खाली कर चले गए। सिविल लाइन पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।

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पुलिस को दी शिकायत में विश्वकर्मा नगर निवासी अर्चना कुमावत ने बताया कि वह उज्जैन रोड पर ब्लाउज सिलाई की दुकान चलाती हैं। मिश्रीलाल नगर निवासी नीतू कुमावत अक्सर दुकान पर कपड़े सिलवाने आती थी। इसी दौरान दोनों के बीच परिचय हुआ। अर्चना ने 3 सितंबर 2023 को पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन कम अंक आने के कारण वह सफल नहीं हो सकीं। इसकी जानकारी नीतू को दी तो उसने अपने पति नरेंद्र कुमावत की पहुंच का हवाला देते हुए पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।

शिकायत के अनुसार, 5 सितंबर 2023 को नीतू अपने पति नरेंद्र के साथ अर्चना की दुकान पर पहुंची। नरेंद्र ने अपने मोबाइल से अर्चना के व्हाट्सएप पर मंदसौर जिले में एएसआई पद का जॉइनिंग लेटर भेजा। पत्र देखकर अर्चना और उनके परिवार को नौकरी मिलने की उम्मीद बंधी। इसके बाद अर्चना के पिता ने रिश्तेदारों से उधार लेकर 10 लाख 50 हजार रुपए नकद दिए। नरेंद्र के कहने पर 10 हजार रुपए फोन-पे के जरिए भी भेजे गए। इस तरह 10 लाख 60 हजार रुपए देने की बात शिकायत में कही है।

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सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह लोधी ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जॉइनिंग लेटर की वास्तविकता और रुपये के लेन-देन सहित शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

किराए का मकान खाली मिला
आरोप है कि रकम लेने के बाद दंपती करीब तीन महीने तक भोपाल में वेरिफिकेशन कराने की बात कहकर अर्चना को टालते रहे। नौकरी नहीं लगने पर परिवार ने रुपए वापस मांगे तो नरेंद्र ने एक महीने में रकम लौटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अर्चना अपने परिजनों के साथ नरेंद्र के मिश्रीलाल नगर स्थित किराए के मकान पर पहुंचीं, लेकिन वहां पता चला कि दंपती मकान खाली कर जा चुके हैं। तलाश के बावजूद उनका पता नहीं चलने पर अर्चना ने पुलिस से शिकायत की।

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