माता स्थापना पर क्यों भिड़े लोग? मारपीट के मामले में FIR दर्ज

सुभाष चौक में दो पक्ष आमने-सामने धमकी देने और मारपीट के आरोप
सीएसपी बोले- हाईकोर्ट के आदेश पर विवादित स्थल खाली रखा जाएगा, गरबे की अनुमति भी नहीं
देवास। सुभाष चौक में माता जी की स्थापना को लेकर चल रहा विवाद मारपीट तक पहुंच गया। राधा-कृष्ण मंदिर में स्थापना करने वाले चंद्रकांत क्षीरसागर ने दूसरे पक्ष पर फोन पर जान से मारने की धमकी देने और साथियों के साथ मिलकर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मामले में कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के आदेश के चलते विवादित स्थल पर किसी भी पक्ष को माता जी की स्थापना की अनुमति नहीं है,स्थान खाली रखा जाएगा।
चंद्रकांत के अनुसार, सार्वजनिक स्थल पर माता जी की स्थापना को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद किसी भी पक्ष को सार्वजनिक स्थल पर स्थापना की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने राधा-कृष्ण मंदिर के निजी परिसर में माता जी की स्थापना की।
मंदिर में मारपीट करने का आरोप लगाया
चंद्रकांत ने शिकायत में बताया कि देर रात शेखर ने फोन कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सुबह आशु कौशल और उसके कुछ साथी मंदिर पहुंचे। आरोप है कि यहां स्थापना को लेकर विवाद करते हुए गाली-गलौज की गई और उनके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद पीडि़त पक्ष के साथ बड़ी संख्या में लोग सिटी कोतवाली थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
एफआईआर दर्ज, आगे होगी कार्रवाई
सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि फरियादी चंद्रकांत क्षीरसागर ने थाने पहुंचकर मारपीट की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम में मारपीट का तथ्य सामने आया है, जिस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरबे के कार्यक्रम के लिए किसी भी पक्ष को अनुमति नहीं दी गई है। माता जी की स्थापना को लेकर भी हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को संबंधित स्थल पर स्थापना करने से मना किया है। ऐसे में विवादित स्थान को खाली रखा जाएगा। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।









