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किचन-बाथरूम साथ हैं? जानिए वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय

भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र का एक बहुत ही विशेष और महत्वपूर्ण स्थान है। वास्तु में घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने और हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा के बुरे असर को पूरी तरह खत्म करने के लिए कई जरूरी नियम और सटीक उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति अपने घर के निर्माण और साज-सज्जा में इन वास्तु नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करता है, तो उसके जीवन से मानसिक तनाव और परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसके साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि, खुशहाली और संपन्नता का वास होने लगता है।

 

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अक्सर लोग अनजाने में घर की बनावट या चीजों के रख-रखाव में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो आर्थिक तंगी और कलह का कारण बनती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि घर के भीतर मौजूद दोषों को दूर करने और सकारात्मक माहौल बनाने के लिए हमें किन-किन मुख्य बातों और जरूरी वास्तु नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

किचन और बाथरूम का एक साथ होना बढ़ाता है दोष:

वास्तु विज्ञान के सिद्धांतों के अनुसार, घर का नक्शा बनवाते समय इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए कि रसोई घर (किचन) और शौचालय (बाथरूम) कभी भी एक-दूसरे से बिल्कुल सटे हुए या आमने-सामने न हों। किचन को घर में शुचिता और मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है, जबकि बाथरूम से राहु-केतु से जुड़ी अशुद्ध ऊर्जा निकलती है। इन दोनों का पास-पास होना घर में रहने वाले सदस्यों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर डालता है और वहां रहने वालों की तरक्की में रुकावटें पैदा करता है।

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मजबूरी में पास बने हों तो जरूर अपनाएं यह आसान तरीका:

आजकल के आधुनिक फ्लैट्स या कम जगह वाले मकानों में कई बार मजबूरी के कारण किचन और बाथरूम पास-पास ही बन जाते हैं। यदि आपके घर में भी ऐसा ही कोई निर्माण है, तो इससे बचने का एक बेहद सरल उपाय यह है कि बाथरूम का उपयोग करने के तुरंत बाद उसका दरवाजा हमेशा बंद रखें। इसके अलावा बाथरूम के कोने में एक कांच की कटोरी में थोड़ा सा खड़ा नमक (समुद्री नमक) भरकर रख दें। यह छोटा सा उपाय बाथरूम से निकलने वाली दूषित हवाओं को सोख लेता है और रसोई में नकारात्मकता को आने से रोकता है।

मुख्य द्वार पर भूलकर भी न लगाएं कांटेदार पौधे:

घर का मुख्य दरवाजा (मेन गेट) वह स्थान है जहां से खुशियां और लक्ष्मी भीतर प्रवेश करती हैं। वास्तु के मुताबिक, मुख्य द्वार के आस-पास कभी भी ऐसे पौधे नहीं लगाने चाहिए जिनमें नुकीले कांटे हों या जिन्हें तोड़ने पर सफेद रंग का दूध जैसा तरल पदार्थ निकलता हो। कैक्टस या बोनसाई जैसे पौधे घर के सामने होने से पारिवारिक रिश्तों में कड़वाहट आती है और धन का आगमन रुक जाता है। प्रवेश द्वार हमेशा साफ, सुंदर और प्रकाश से भरपूर होना चाहिए।

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तुलसी, शमी और मनी प्लांट का पौधा लाता है सौभाग्य:

अगर आप अपने घर के वातावरण को हमेशा पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रखना चाहते हैं, तो आंगन या मुख्य द्वार के पास शुभ पौधे लगाएं। सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पूजनीय माना गया है, इसे उत्तर या पूर्व दिशा में लगाने से घर के सभी वास्तु दोष समाप्त होते हैं। इसके अतिरिक्त घर में मनी प्लांट या शमी का पौधा लगाना भी ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत फलदायी और धन को आकर्षित करने वाला माना जाता है।

अग्नि और जल तत्व की दूरी है बेहद जरूरी:

किचन के भीतर भी तत्वों का संतुलन होना बहुत मायने रखता है। रसोई में आग (गैस चूल्हा) और पानी (सिंक, वाटर प्यूरीफायर या मटका) को कभी भी एक ही लाइन में या बिल्कुल सटाकर नहीं रखना चाहिए। चूल्हा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और सिंक जल तत्व का। ये दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी तत्व हैं। यदि ये दोनों पास होंगे तो घर की महिलाओं का स्वास्थ्य खराब रहेगा और बिना वजह के पैसों की बर्बादी देखने को मिलेगी।

साफ-सफाई और कबाड़ मुक्त घर में होता है लक्ष्मी वास:

नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने का सबसे अचूक और बुनियादी नियम है घर की नियमित साफ-सफाई। वास्तु शास्त्र कहता है कि जिस घर के कोनों में मकड़ी के जाले लगे रहते हैं, वहां डिप्रेशन और काम में मंदी का माहौल बनने लगता है। छत पर या सीढ़ियों के नीचे जमा करके रखा गया पुराना कबाड़, टूटे-फूटे बर्तन और बंद पड़ी घड़ियां घर में दरिद्रता को न्योता देती हैं। शनिवार के दिन घर की गहरी सफाई करें और अनुपयोगी सामान को तुरंत बाहर निकाल दें।

सुख-समृद्धि पाने के लिए घर में रखें ये 5 शुभ चीजें:

यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा धन-धान्य के भंडार भरे रहें और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे, तो वास्तु के अनुसार इन पांच चीजों को घर में स्थान जरूर दें। इनमें मुख्य रूप से पानी से भरा हुआ मिट्टी का घड़ा (उत्तर दिशा में), धातु या स्फटिक का बना कछुआ, मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिह्न, घर के मंदिर में एकाक्षी नारियल और तिजोरी में कुबेर यंत्र रखना शामिल है। ये चीजें घर की बरकत को कई गुना बढ़ा देती हैं।

सामान्य मान्यताओं पर आधारित है यह जानकारी:

पाठकों की सुविधा के लिए स्पष्ट कर दें कि इस लेख में दी गई तमाम जानकारियां लोक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिष शास्त्र, पंचांग और प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में वर्णित तथ्यों पर आधारित हैं। यह एक सामान्य गाइडलाइन है। किसी भी नियम को अपने घर में लागू करने या बड़ा बदलाव करने से पहले किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ या ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत रूप से परामर्श जरूर लें। अमर उजाला इन जानकारियों की शत-प्रतिशत सटीकता या वैज्ञानिक प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है।

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