भोपाल मेट्रो: 30 से शुरू होंगी टिकट वेंडिंग मशीनें 30 सेकंड में खुद निकाल सकेंगे क्यूआर टिकट

अक्षरविश्व न्यूज भोपाल। भोपाल मेट्रो के संचालन और रखरखाव पर सालाना 20 से 25 करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। यानी रोजाना 5.5 से 7 लाख रुपए तक। इसके मुकाबले 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सामान्य दिनों में सिर्फ 150 से 500 यात्री सफर कर रहे हैं। वीकेंड पर यह संख्या 1,000 से 1,200 तक पहुंचती है। टिकटों से होने वाली कमाई परिचालन खर्च के 2% तक भी नहीं पहुंच रही है। इस बीच मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन 30 अक्टूबर से भोपाल और इंदौर के संचालित कॉरिडोर के स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनें शुरू कर रहा है। यात्री इनसे 30 सेकंड में खुद क्यूआर टिकट निकाल सकेंगे। दोनों शहरों के प्रमुख स्टेशनों पर दो-दो मशीनें लग चुकी हैं। दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए इनमें ब्रेल लिपि की सुविधा भी है।
नई मशीनों से टिकट लेने के लिए काउंटर की कतार में नहीं लगना पड़ेगा। भुगतान यूपीआई से होगा। मशीन से निकला प्रिंटेड क्यूआर टिकट एएफसी गेट पर स्कैन करते ही गेट खुल जाएगा। इससे टिकट लेने की प्रक्रिया कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस होगी। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, पीक ऑवर्स में काउंटर पर कतारों का दबाव 70त्न तक घटने की उम्मीद है। इससे मैनपावर पर निर्भरता भी कम होगी।
6 आसान चरणों में ऐसे निकालें टिकट
टिकट वेंडिंग मशीन की स्क्रीन पर Buy QR Ticket का विकल्प चुनें। 6जिस स्टेशन तक जाना है, उसे चुनें। 6स्क्रीन पर स्टेशन का कुल किराया दिखाई देगा। भुगतान के लिए यूपीआई क्यूआर कोड आएगा। मोबाइल के यूपीआई एप से कोड स्कैन कर भुगतान करें। भुगतान होते ही मशीन से प्रिंटेड क्यूआर टिकट निकल आएगा। इसे लेकर आप यात्रा कर सकते हैं।
31 दिसंबर तक टिकट पर इतनी छूट: सिंगल जर्नी- 25त्न अतिरिक्त छूट। यह 20 रुपए के बेस टिकट पर लागू नहीं होगी। रिटर्न जर्नी आने-जाने के टिकट पर कुल 30त्न छूट। ग्रुप टिकट: कुल 35त्न छूट। अब दो यात्री भी ग्रुप टिकट ले सकेंगे।
एप वॉलेट: एमपीएमआरसीएल एप में रिचार्ज राशि के अनुसार 8त्न से 15त्न तक अतिरिक्त बोनस।









