6.67 करोड़ से बनेंगे महापौर-अध्यक्ष के बंगले!

एक साल में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य, अगले चुनाव में निर्वाचित महापौर-अध्यक्ष ही कर पाएंगे उपयोग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के सबसे बड़े कमर्शियल इलाके फ्रीगंज में स्थित महापौर और निगमाध्यक्ष के बंगले अब उद्यन मार्ग पर शिफ्ट होंगे। 1 हजार करोड़ रुपए की ग्रांड होटल और इसकी जमीन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम को सौंपने के बाद शासन उद्यन मार्ग पर नगर निगम को दो हेक्टेयर जमीन देगा। इस पर 6.67 करोड़ की लागत से महापौर और निगम अध्यक्ष के बंगले बनाए जाएंगे। निगम कर्मचारियों को भी नए मकान मिलेंगे। 17.74 करोड़ की राशि से उनके लिए नजरअली मिल कपाउंड में मल्टी स्टोरी बनाई जाएंगी। इनमें 72 फ्लैट रहेंगे। नगर निगम ने गुरुवार को दोनों कामों के टेंडर जारी कर दिए। जब तक यह बंगले तैयार होंगे तब तक मौजूदा परिषद का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसका उपयोग अगले चुनाव में निर्वाचित होने वाले महापौर और अध्यक्ष ही कर पाएंगे।
दो बंगलों पर खर्च हो रही करोड़ों की राशि ने लोगों के कान खड़े कर दिए हैं। इसकी वजह यह है कि यह टेंडर सिर्फ सिविल वर्क का है और इसमें इंटीरियर, फर्नीचर के खर्च शामिल नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहे हैं कि एक तरफ 72 फ्लैट पर 17.74 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं और दूसरी ओर सिर्फ दो बंगलों पर 6.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। टेंडर की अंतिम तारीख 28 जुलाई है और काम 1 साल में पूरा करना है। गुरुवार को नगर निगम के निर्माण विभाग ने दोनों कामों के लिए टेंडर जारी कर दिए।
निजी क्षेत्र में अच्छा सिविल कंस्ट्रक्शन 1800 रुपए प्रति स्के. फीट: निजी क्षेत्र में काम करने वाले सिविल कांट्रेक्टर की माने तो अच्छा सिविल कंस्ट्रक्शन मौजूदा समय में 1800 से 2000 रुपए स्के. फीट में हो सकता है। जिस तरह से बंगलों की कास्ट रखी गई है, वह टेंडर को सवालों के घेरे में लाती है और निगम के निर्माण विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है।
मौजूदा परिषद के कार्यकाल का अंतिम साल
उज्जैन नगर निगम परिषद के कार्यकाल का यह अंतिम साल चल रहा है। 2022 में मौजूदा परिषद चुनी गई थी। इस हिसाब से इसका कार्यकाल 2027 तक है। महापौर-निगम अध्यक्ष के बंगले तैयार करने की डेडलाइन एक साल की है, इस हिसाब से जब तक यह तैयार होंगे, तब तक नई परिषद का गठन हो सकता है।
दो बंगलों और 72 फ्लैट के लिए टेंडर निकाला है
महापौर-निगम अध्यक्ष के बंगले और 72 फ्लैट के लिए दो अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। बंगले उद्यन मार्ग पर ईओडब्ल्यू ऑफिस के पीछे की जमीन पर प्रस्तावित है,जबकि फ्लैट नजरअली मिल कपाउंड में बनाए जाएंगे। दोनों टेंडर सिविल वर्क के हैं।
हिमांशु तिवारी, ईई नगर निगम
आवासीय परिसर बनेगा
नगर निगम का नया आवासीय परिसर बनेगा। इसमें फ्लैट और बंगले रहेेंगे। महापौर और निगम अध्यक्ष के बंगले उद्यन मार्ग पर बनेंगे।
पवन कुमार सिंह, अपर आयुक्त, उज्जैन नगर निगम
कमर्शियल इलाके में नहीं मिली जमीन
निगम परिषद् ने ग्रांड होटल और उसकी जमीन देने का प्रस्ताव कुछ शर्तों के साथ सदन में पास किया था। इसके मुताबिक ग्रांड होटल की जमीन के मूल्य जितनी जमीन मिलने पर ही होटल ट्रांसफर करने का प्रस्ताव था। एमपीटी को भवन निर्माण की राशि देनी थी। हालांकि जमीन के मसले में तो ऐसा नहीं हो सका क्योंकि जमीन उद्यन मार्ग पर मिल रही है। जहां फ्रीगंज जैसे इलाके की तुलना में कलेक्टर गाइडलाइन बहुत कम है।









