Advertisement

चरक अस्पताल बदहाल ऐसा है सफाई का हाल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। संभाग का सबसे बड़ा चरक अस्पताल। ६ मंजिला इस हॉस्पिटल में डॉक्टर, स्टॉफ और सफाईकर्मियों की कोई कमी नहीं, अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को हर तरह की चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करवाने का वादा भी किया जाता है लेकिन सच्चाई इसके बिलकुल उलट है।

Advertisement

इसका उदाहरण उस समय दिखाई दिया जब पर्ची बनाने के काउंटर के सामने एक चूहिया मरी हुई पड़ी थी जिससे आसपास बदबू आ रही थी। काफी देर तक वह इसी तरह पड़ी रही लेकिन किसी सफाईकर्मी या स्टॉफ की नजर उस पर नहीं पड़ी। वहां पर्ची बनवा रहे कुछ लोगों ने इसकी शिकायत की जिसके भी काफी देर बाद उसे वहां से हटाया गया।

आपको बता दें कि चरक अस्पताल में गंदगी का आलम किसी से छिपा नहीं है। दीवारों और लिफ्ट के अंदर-बाहर जगह-जगह पान की पीक के निशान बने हैं। इसके अलावा परिसर में कचरा और वार्डों से आती दुर्गंध आम बात है। पिछले दिनों कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने पिछले दिनों अस्पताल का निरीक्षण किया था और डॉक्ट्र्स के लेट आने पर नाराजगी जताते हुए एक दिन का वेतन काटने का निर्देश भी दिया था। बावजूद इसके व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं आया।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें